आवंतीबाई अस्पताल में चला जागरूकता कार्यक्रम
विवेकानन्द अस्पताल नर्सिंग प्रशिक्षुओ ने नुक्कड़ नाटक कर सुरक्षित मातृत्व का दिया संदेश

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में नर्सिंग छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। शनिवार को
राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस पर वीरांगना आवंतीबाई जिला महिला चिकित्सा अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। जिसे विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्रशिक्षु छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से गर्भावस्था का समय से पंजीकरण,
गर्भावस्था के दौरान देखभाल, संतुलित खान-पान, आयरन-फोलिक एसिड एवं कैल्शियम का सेवन, टिटेनस-डिप्थीरिया टीकाकरण तथा सुरक्षित प्रसव के बारे में जानकारी दी गई।
नुक्कड़ नाटक में गर्भवती महिला के जीवन को दर्शाते हुए यह दिखाया गया कि समय पर जांच और उचित पोषण से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
इस मौके पर अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व हर महिला का अधिकार है और इसके लिए जागरूकता पहला कदम है। उन्होंने बताया कि
गर्भावस्था का समय से पंजीकरण कराने पर महिला को सरकारी योजनाओं का शीघ्र लाभ मिल पाता है। कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) से जटिलताओं की समय रहते पहचान संभव होती है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
जोखिमयुक्त गर्भावस्था की समय से पहचान और प्रबंधन के लिए हर माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जाता है।
वहीं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई), जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) एवं सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) आदि कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण और कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत महिला को 5000 रुपये की धनराशि किश्तों में दी जाती है। इसके साथ ही गर्भवती को टेक-होम राशन भी दिया जाता है।
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समुदाय में मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने और जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका है। इन समन्वित प्रयासों के प्रभाव से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि गर्भवतियों को चिकित्सकों द्वारा दी गई सलाह का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों में समझ बढ़ाते हैं और सुरक्षित मातृत्व के लिए सही आदतें अपनाने में मदद करते हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रंजना प्रसाद, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान, स्टाफ नर्स किरनलता सोनकर, नर्सिंग स्पेशलिस्ट कीर्ति तिवारी, हेल्प डेस्क मैनेजर मोहम्मद आसिफ सहित चिकित्सालय के अन्य कर्मचारी एवं लाभार्थी मौजूद रहे।



