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नर्सिंग स्टाफ से मरीज व तीमारदारों की रहती बड़ी उम्मीदे- प्रो सीएम सिंह 

नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत 

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। नर्सिंग अधिकारियों को मरीजों की सेवा में निपुण बनाने के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गई। सोमवार को

डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरूआत की गयी।

जिसे संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन गया। ज्ञात हो कि 20 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण सत्र में नर्सेज को उनके रोल्स एंड रिसपोंसबिलिटी, नर्सिंग मानक एवं गुणवत्ता में सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी।

इस अवसर पर संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चिकित्सा अधीक्षक एवं संस्थान के अन्य फैकल्टी सदस्य, मुख्य नर्सिंग अधिकारी, संस्थान में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

वहीं सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के चिकित्सा से सम्बन्धित विषय पर संक्षिप्त जानकारी को साझा की। कार्यक्रम की शुरुआत सुमन सिंह, मुख्य नर्सिंग अधिकारी के स्वागत सम्बोधन से हुआ।

उन्होंने अपने सम्बोधन में मुख्य नर्सिंग अधिकारी ने प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानवीय देखभाल जीवन का एक तरीका है अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की सेवा के लिए नर्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

नर्सिंग अधिकारी को सेवा के साथ साथ अपने अच्छे व्यवहार से मरीज को जल्द से जल्द ठीक करने का प्रयास रहता है। एक नर्स के लिए वार्ड में मरीजों की जरूरतों का आकलन करना और मरीजों के लिए नर्सिंग केयर प्लान को बनाना होता है।

मरीज की देखभाल के लिए एक सही नर्सिंग प्रोफेशनल की आवश्यकता होती है जिसे रोगी का ध्यान रखने वाले नर्सिंग स्टाफ को पता होना चाहिए। नर्सिंग नैतिकता, व्यवहारिक नैतिकता की एक शाखा है जो स्वतः ही नर्सिंग की गतिविधियों का संबालन करती है।

नर्सिंग में नैतिकता में उपकारिता, हानि न पहुंचाना तथा स्वायत्तता के सम्मान के साथ चिकित्सकीय नैतिकता से जुड़े कई तत्व शामिल होते हैं। यह सम्बन्ध, मानवीय गरिमा तथा सहयोगपूर्ण सेवा पर इसके प्रभाव से पहचानी जाती है। वहीं

संस्थान के निदेशक ने इंडक्शन ट्रेनिंग की विशेषता बताते हुए कहा कि हमारा संस्थान प्रदेश के बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक है। वर्तमान में संस्थान में रोगियों के लिए 1250 बेड की सुविधा उपलब्ध है।

निदेशक ने बताया कि इस ट्रेनिंग का मुख्य लक्ष्य संस्थान में पालन की जाने वाली नीतियों प्रोटोकॉल और दस्तावेजीकरण पर मानकीकृत जानकारी प्रदान करना है। साथ ही यह रोगियों के साथ उनके संचार को विकसित करने, महत्वपूर्ण कार्यशैली में सुधार करने व निर्णय लेने के कौशल तथा रोगियों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार करने में सक्षम बनाने में मदद करेगा।

निदेशक ने बताया की नर्सिंग स्टाफ से मरीज एवं उसके तीमारदार की बहुत उम्मीदे जुड़ी रहती है। नर्सिंग संवर्ग चिकित्सा क्षेत्र का एक अभिन्न अंग है। इसलिए अपने कार्य के प्रति अपने कौशल को विकसित करना है तथा अपने प्रोफेशन में ज्यादा से ज्यादा ज्ञानार्जन करना है।

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