मुख्य सचिव ने जिम्स का निरीक्षण कर, विद्या सेतु” का किया उद्घाटन
प्रदेश का पहला मेडिकल इनक्यूबेशन सेंटर ने पूरे किए नवाचार और प्रभाव के 3 वर्ष

ग्रेटर नोएडा। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने जिम्स विद्या सेतु” का उद्घाटन किया।
शनिवार को उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान का औपचारिक निरीक्षण किया। मुख्य सचिव के आगमन पर संस्थान निदेशक डॉ (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता एवं सभी विभागाध्यक्षों द्वारा स्वागत किया गया। वहीं
भ्रमण के दौरान निदेशक ने संस्थान में संचालित विभिन्न सेवाओं , रोगी देखभाल में अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रक्रियाओं, शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा संकाय स्थिति, शोध उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रदर्शन एवं आधारभूत संरचना विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी ।
मुख्य सचिव ने संस्थान टीम के कार्यों की सराहना करते हुए उत्कृष्ट कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्य सचिव ने संस्थान द्वारा उच्च मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने जिम्स में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
अस्पताल भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ मेडिकल इनोवेशन, स्किल लैब एवं रिसर्च लैब सहित विभिन्न प्रमुख सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा चिकित्सा शिक्षा एवं रोगी देखभाल को उन्नत बनाने के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य सचिव ने जिम्स विद्या सेतु का किया उद्घाटन
इसी क्रम में मुख्य सचिव द्वारा “जिम्स विद्या सेतु” का उद्घाटन भी किया गया, जिसका उद्देश्य संस्थान में शैक्षणिक एवं ज्ञान-साझाकरण गतिविधियों को सुदृढ़ करना है।
जिम्स विद्या सेतु एक अभिनव पहल है, जो चिकित्सा, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल से सम्बन्धित पेशेवरों के लिए कौशल आधारित विविध पाठ्यक्रम प्रदान करती है। इन पाठ्यक्रमों में आईसीयू प्रशिक्षण, एचएसएससी पाठ्यक्रम, नर्सिंग मॉड्यूल (अनिवार्य एवं वैकल्पिक), इंटर्नशिप पाठ्यक्रम एवं अन्य प्रशिक्षण शामिल हैं।
इसका उद्देश्य शिक्षण एवं सेवा के मध्य सशक्त सेतु स्थापित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, दक्षता एवं संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। बेहतर स्वास्थ्य सेवा वितरण के लिए बेहतर कल” के ध्येय वाक्य के साथ जिम्स विद्या सेतु स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में कार्यरत है।
जिम्स विद्या सेतु टीम में डॉ. समीक्षा खानुजा, डॉ. सोनल, डॉ. नीतू भदौरिया, डॉ. पल्लवी, डॉ. शिखर, नेहा एवं प्रसिद्ध सम्मिलित हैं। भ्रमण के समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
इस मौके पर डॉ. सौरभ श्रीवास्तव (मुख्य चिकित्सा अधाीक्षक), डॉ. रम्भा पाठक (संकायाध्यक्ष), डॉ. बीएस यादव (संकाय प्रभारी, प्रशासन), डॉ. बृज मोहन (चिकित्सा अधीक्षक), समस्त विभागाध्यक्ष, रेजिडेंट्स, लॉजिस्टिक्स विभाग, नर्सिंग कॉलेज एवं जीआईएमएस के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदेश का पहला मेडिकल इनक्यूबेशन सेंटर ने नवाचार और प्रभाव के पूरे किये 3 वर्ष..
इसके अलावा प्रदेश का पहला मेडिकल इनक्यूबेशन सेंटर ने नवाचार और प्रभाव के 3 वर्ष पूरे होने पर के अवसर पर मुख्य सचिव सहभागी रहे।
उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थापित पहला मेडिकल इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा नवाचार, प्रभाव और उत्कृष्टता के 3 वर्ष पूर्ण किए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पिछले तीन वर्षों में सीएमआई–जीआईएमएस ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर नवाचार का एक सशक्त मॉडल स्थापित किया है। जहाँ चिकित्सा, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता का संगम होकर वास्तविक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान विकसित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने 3-वर्षीय उपलब्धियों को दर्शाने वाले माइलस्टोन बोर्ड का उद्घाटन किया तथा इनक्यूबेशन सेंटर की स्मारिका का विमोचन भी किया। जिसमें केंद्र की यात्रा, उपलब्धियाँ और भविष्य की दिशा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
मुख्य सचिव को सीएमआई की प्रमुख उपलब्धियों से कराया अवगत
जिनमें वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित स्टैंफोर्ड बायोडिज़ाइन कार्यक्रम से जुड़ाव, जो मेडिकल टेक्नोलॉजी नवाचार को नई दिशा दे रहा है।
👉 BIRAC BioNEST के तहत चयन उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एकमात्र बायोनेस्ट इनक्यूबेटर।
👉 स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग, इनक्यूबेशन सपोर्ट एवं क्लिनिकल ट्रायल की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना।
👉 एआई आधारित स्टार्टअप्स के लिए भारत का पहला एआई क्लिनिक, जहाँ नवाचारों का वास्तविक क्लिनिकल वातावरण में परीक्षण एवं कार्यान्वयन संभव है।
मुख्य सचिव ने केंद्र में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के साथ संवाद भी किया। उन्होंने MATRI के संस्थापक से मुलाकात की, जो महिलाओं के लिए मासिक धर्म दर्द से राहत देने वाला अभिनव उपकरण है और जिसे शार्क टैंक इंडिया में भी पहचान मिली है।
उन्होंने आयुष, संस्थापक स्मार्ट परचा , की सराहना की, जो डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन को डिजिटाइज़ कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रहा है। उन्हें Annu AI के बारे में भी जानकारी दी गई, जो गर्भावस्था जागरूकता एवं टीकाकरण को बढ़ावा देने वाला एआई चैटबॉट है।
मुख्य सचिव ने सीएमआई–जीआईएमएस के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल बताया और कहा कि इस प्रकार की पहलें भविष्य के तकनीक-आधारित स्वास्थ्य तंत्र के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीएमआई–जीआईएमएस एक नए युग का प्रतिनिधित्व करता है। जहाँ सरकारी चिकित्सा संस्थान केवल उपचार ही नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा देते हैं।
तीन वर्षों की इस सफल यात्रा के साथ, सीएमआई–जीआईएमएस आज एक परिवर्तनकारी नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है, जो भविष्य में भी स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



