सड़क सुरक्षा को ले कुशल चालक बनाने की मुहिम
10 लाख की आबादी पर एक प्रत्यायन प्रशिक्षण चालन केन्द्र स्थापित करने का प्रविधान - दयाशंकर सिंह

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाने की मुहिम तेज हो गई। बुधवार को
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से कुशल चालकों को ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त हो, इसके उद्देश्य से ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय,
भारत सरकार (मोर्थ) ने प्रत्यायन (प्रमाणन) प्राप्त चालन प्रशिक्षण केन्द्र (एडीटीसी) की स्थापना के लिए तथा उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया के संबंध में केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 में संशोधन कर नए प्राविधान जोड़े है। इसका मुख्य लक्ष्य चालन प्रशिक्षण को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित बनाना है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना एवं रख-रखाव के लिए पारदर्शिता पूर्ण पर्यवेक्षण के लिए आवेदन प्रपत्र समस्त वाछित अभिलेखों के साथ नए विकसित किए जा रहे पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएगें।
अब तक इसके लिए विभाग में ऑफलाइन व्यवस्था थी। उन्होंने बताया कि जल्दी ही पोर्टल को लाइव कर दिया जाएगा। इस पर विभाग तेजी से काम कर रहा है।
प्रत्यायन प्रशिक्षण केन्द्र के लिए 58 जनपदों (आईडीटीआर एवं डीटीटीआई को छोड़कर) में प्रत्यायन प्रशिक्षण केन्द्र की कार्रवाई ऑफलाइन माध्यम से की जा रही थी लेकिन आगे से ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
परिवहन मंत्री ने बताया कि 10 लाख की आबादी पर 01 प्रत्यायन प्रशिक्षण चालन केन्द्र की स्थापना किए जाने का प्राविधान है। उन्होंने बताया कि लगभग 21 जनपदों में उक्त प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन विभाग कर रहा है।
सरकार की मंशा है कि सड़क पर प्रशिक्षित चालक ही वाहन चलाए। सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है। मुख्यमंत्री की चिंता सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को लेकर है। समय-समय पर मुख्यमंत्री के निर्देश प्राप्त है कि सड़क दुर्घटना में होेने वाली मृत्यु के आकड़ों को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए।



