चिकित्सा संस्थान में मना गुजरात दिवस समारोह
गुजराती लोक नृत्य प्रस्तुति के साथ मनाया गुजरात दिवस

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में गुजराती लोक नृत्य के साथ गुजरात दिवस मनाया गया। मंगलवार को
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नर्सिंग कॉलेज द्वारा गुजरात स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिवस प्रतिवर्ष 1 मई को मनाया जाता है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करते हुए “एकता में विविधता” का संदेश दिया गया तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम का संचालन लीना प्रविल जॉन, सहायक प्राध्यापक, एवं वर्षा द्विवेदी (ट्यूटर) द्वारा सरल, प्रभावी और उत्साहपूर्ण तरीके से किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. सीएम सिंह (निदेशक), प्रो. डॉ. प्रद्युम्न सिंह (डीन), प्रो. डॉ. डीके श्रीवास्तव (अध्यक्ष, नर्सिंग कॉलेज), प्रो. निपिन कलाल (उप-प्राचार्य) तथा सुमन सिंह (मुख्य नर्सिंग अधिकारी) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
साथ ही नर्सिंग कॉलेज के सभी शिक्षण संकाय सदस्य भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात प्रो. डॉ. डीके श्रीवास्तव द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया।
तत्पश्चात प्रो. निपिन कलाल द्वारा दिवस की थीम का अनावरण किया गया। जिसमें सांस्कृतिक जागरूकता और मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व पर बल दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गुजराती लोक नृत्य (गरबा,डांडिया) रहा। इसके साथ ही समूह गीत युगल नृत्य और समूह नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उत्साह को दर्शाया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने अपने विचार साझा करते हुए सांस्कृतिक मूल्यों और एकता के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. डॉ. प्रद्युम्न सिंह (डीन) ने अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही संस्थान प्रो. सीएम सिंह ने गुजरात के महत्त्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में प्रस्तुति महात्मा गांधी पर आधारित वृत्तचित्र ने सत्य और अहिंसा के मूल्यों को पुनः स्मरण कराया।
अंत में प्रो. निपिन कलाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। जिसने सभी में गर्व और एकता की भावना को सुदृढ़ किया।
यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। इसने सांस्कृतिक जागरूकता, छात्र सहभागिता और एकता की भावना को मजबूत किया तथा व्यावसायिक जीवन में सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को उजागर किया।



