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आरएमएल में बेड बढ़ाने की मिली मंजूरी 

यूपी कैबिनेट बैठक में स्वीकृति जारी 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के चिकित्सा संस्थान में बेड बढ़ाने की मंजूरी मिल गयी है। सोमवार को

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1010 बेडेड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, टीचिंग ब्लॉक

एवं नवीन ओपीडी ब्लॉक निर्माण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी। बीते माह 19 मार्च को व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में विचारोपरांत अग्रिम स्वीकृति के लिए अनुशंसित किया गया। संस्थान

वर्ष 2006 में स्थापित तथा वर्ष 2018 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त प्रदेश के प्रमुख तृतीयक चिकित्सा संस्थानों में सम्मिलित है। संस्थान में वर्तमान में 41 विभागों के माध्यम से उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

प्रतिदिन लगभग 4000 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ प्राप्त करते हैं तथा प्रतिवर्ष लगभग 9 लाख ओपीडी मरीजों एवं 50,000 से अधिक भर्ती मरीजों का उपचार किया जाता है।

प्रस्तावित 1010 बेडेड अस्पताल परियोजना प्रदेश में उन्नत एवं सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगी। वर्तमान में सीमित बेड क्षमता के कारण कई सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार में कठिनाई आती है।

नए अस्पताल के निर्माण के उपरांत व्यापक स्तर पर बेड क्षमता बढ़ेगी। जिससे गंभीर एवं जटिल रोगों के उपचार हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।

इसके अतिरिक्त, ब्रॉड स्पेशियलिटी सेवाओं को शहीद पथ परिसर में स्थानांतरित किए जाने के पश्चात वर्तमान परिसर में उपलब्ध अतिरिक्त बेडों को सुपरस्पेशियलिटी विभागों के लिए आवंटित किया जा सकेगा।

इससे संस्थान में सुपरस्पेशियलिटी एवं चतुर्थक चिकित्सा सेवाओं में व्यापक वृद्धि होगी तथा गंभीर मरीजों को बेहतर एवं शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

यह परियोजना चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। शहीद पथ परिसर में छात्रावासों की उपलब्धता के कारण मेडिकल छात्रों, रेजिडेंट्स एवं सुपरस्पेशियलिटी ट्रेनी डॉक्टरों को अस्पताल के निकट रहने का लाभ मिलेगा।

इससे विद्यार्थियों को क्लीनिकल पोस्टिंग, बेडसाइड टीचिंग, इमरजेंसी एक्सपोजर तथा शाम की अकादमिक कक्षाओं में अधिक प्रभावी सहभागिता मिल सकेगी। साथ ही प्रतिदिन संस्थान तक यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी, जिससे शिक्षण एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

संस्थान के नए परिसर में पहले से ही बॉयज एवं गर्ल्स हॉस्टल, नर्सेज फ्लैट्स, आवासीय परिसर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर एवं पैरामेडिकल नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं।

प्रस्तावित परियोजना में आधुनिक इमरजेंसी सेवाएं, अत्याधुनिक आईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, सुपरस्पेशियलिटी वार्ड, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सुविधाएं, स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम,

उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम, आधुनिक ओपीडी सेवाएं, टीचिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तथा पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं जैसे सोलर वाटर हीटिंग एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग शामिल होंगी।

यह विस्तार परियोजना न केवल प्रदेशवासियों को बेहतर, सुलभ एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, शोध, सुपरस्पेशियलिटी प्रशिक्षण एवं इमरजेंसी हेल्थकेयर सेवाओं को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

संस्थान प्रशासन के अनुसार परियोजना का विकास आधुनिक “यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी” मानकों एवं मरीज-अनुकूल अधोसंरचना के अनुरूप किया जाएगा, जिससे सभी वर्गों के मरीजों को सहज एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। वहीं

संस्थान परिवार उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त जताया ।

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