केजीएमयू में लव जिहाद मुद्दा गरमाया, कुलपति कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन
महिला आयोग उपाध्यक्ष के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय का घेराव, डॉक्टरों में बढ़ी नाराजगी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में धर्म परिवर्तन मुद्दा गरमा गया है। शुक्रवार को राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में लोग पहुंच कर कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव कुलपति कार्यालय पर पहुंची और उन्होंने संस्थान प्रशासन पर आरोप लगाया की कुलपति मिलने से इंकार किया। वहीं मौजूद प्रदर्शकारियों ने कुलपति से मिलने के लिए धक्का मुक्की और नारेबाजी की।
जिस पर कुलपति कार्यालय का गेट नहीं खुला। इस पर महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने नाराजगी जाहिर की। उपाध्यक्ष का आरोप हैं कि जब पीड़िता संस्थान से मदद मांगने गयी तो उसे मदद क्यों नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि पीड़िता द्वारा 17 पेज की लिखित शिकायत की थी, फिर भी उसे ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया था।
जब पीड़िता महिला आयोग में शिकायत की और तब संस्थान प्रशासन जागा। इसके पहले संस्थान ने तत्परता क्यों नहीं दिखाई। इन्ही आरोपों को लगाए उपाध्यक्ष ने कहा की आरोपी डॉक्टर से संस्थान के और भी डॉक्टर हैं,जिनसे आरोपी डॉक्टर से बात करने की पुलिस द्वारा रिकॉर्ड मिला है।
बता दें कि बीते दिनों संस्थान में तैनात डॉक्टर रमीजुद्दीन हिन्दू महिला को बहला फुसलाकर शादी कर गर्भपात कराया और हिन्दू महिला को प्रताड़ित किया । जिस पर पीड़िता हिन्दू महिला ने पुलिस और महिला आयोग में शिकायत पत्र दिया।
वहीं जब लव जिहाद मामले की जानकारी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव को मिली। उन्होंने पीड़िता की आवाज बुलंद कर कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद पर कार्रवाई करने के लिए दबाव बनाया। धर्म परिवर्तन मामले को लेकर कुलपति द्वारा विशाखा जाँच कमेटी गठित की और जाँच रिपोर्ट आने पर डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक को बर्खास्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की।
अब पुलिस डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक की तलाश में जगह -जगह छापेमारी कर रही है। जो गर्भपात और मतान्तरण का आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन फरार चल रहा है। जिसकी गिरफ़्तारी में देरी होने के चलते राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव शुक्रवार को हिन्दू संगठनों के साथ कुलपति कार्यालय के घेराव करने पहुंच गयी। वहीं कुलपति मिलने से इंकार किया।
जिसपर अपर्णा यादव के समर्थको ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वहीं अपर्णा यादव का आरोप है कि धर्म परिवर्तन आरोपी को पकड़ने में संस्थान प्रशासन मदद नहीं कर रहा। आरोपी डॉक्टर को पकड़ने के लिए इनाम भी घोषित है।अब संस्थान में विरोध प्रदर्शन की घटना से डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ने लगी है।
मिली जानकारी के अनुसार संस्थान में विरोध प्रदर्शन होता रहा तो डॉक्टर कभी भी हड़ताल कर सकते हैं। ऐसे में संस्थान प्रशासन पर कई सवाल उठ रहें हैं कि धर्म परिवर्तन की गतिविधियों चलने की क्या जानकारी नहीं थी या मामले को दबाने का प्रयास था।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया गया और समर्थकों ने तोड़फोड़ की। कुलपति द्वारा आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन को संस्थान से बर्खास्त करने की कार्रवाई कर चुकी है। इस विरोध प्रदर्शन से संस्थान के डॉक्टरों में भारी नाराजगी है। ऐसे ही होता रहा तो डॉक्टर कभी भी हड़ताल कर सकते हैं।
प्रो. केके सिंह
प्रवक्ता
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ



