महिला अस्पताल में अंतरा–एससी तकनीकी की शुरुआत
त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा की नई तकनीक अंतरा–सबक्यूटेनियस का शुभारम्भ

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। अस्थाई परिवार नियोजन के लिए इंजेक्शन का शुभारम्भ किया गया। बुधवार को
वीरांगना अवन्तीबाई जिला महिला अस्पताल में अस्थायी परिवार नियोजन के तहत त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा की नई तकनीक अंतरा–सबक्यूटेनियस (त्वचा के नीचे, एससी) का शुभारम्भ प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति मल्होत्रा ने लाभार्थी को इंजेक्शन लगाकर किया।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अंतरा–एससी को “बास्केट ऑफ चॉइस” में शामिल किया गया है। यह एक अस्थायी गर्भनिरोधक साधन है, जिसे प्रत्येक तीन माह पर लगाया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले दिया जाने वाला अंतरा (इंट्रामस्कुलर) इंजेक्शन मांसपेशियों में लगाया जाता था, जो अब भी उपलब्ध है और आगे भी जारी रहेगा।
दोनों तकनीकों के बीच अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि अंतरा–एससी अपेक्षाकृत कम दर्द वाला है और इसकी डोज भी कम होती है।
जहां अंतरा-इंट्रामस्कुलर की मात्रा 1 मिली होती थी, वहीं अंतरा–एससी केवल 0.6 मिली में दिया जाता है। साथ ही इसका अवशोषण भी बेहतर होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन महिलाओं को पहले से अंतरा-इंट्रामस्कुलर लगाया जा चुका है, उन्हें वही इंजेक्शन आगे भी दिया जाएगा, जबकि अंतरा–एससी नए लाभार्थियों के लिए उपलब्ध रहेगा।
जानें इस इंजेक्शन का कौन ले सकता है लाभ..
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेनू पंत ने बताया कि
👉 माहवारीके 1से 7 दिनकेभीतर।
👉 प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली महिलाएं (प्रसव के 6 सप्ताह बाद)।
👉 प्रसव के बाद स्तनपान न कराने वाली महिलाएं (प्रसव के 4 सप्ताह बाद)।
👉 गर्भपात के तुरंत बाद।
उन्होंने बताया कि यदि कोई महिला गर्भधारण करना चाहती है, तो इंजेक्शन बंद करने के 7 से 10 माह के भीतर गर्भधारण संभव है।
कार्यक्रम के पहले दिन कुल तीन महिला लाभार्थियों को अंतरा–एससी की डोज दी गई। अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी राष्ट्रीय परिवार नियोजन हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1800-11-6555 पर संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर चिकित्सक डॉ. रंजना प्रसाद, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान , परिवार कल्याण परामर्शदाता सरिता शुक्ला सहित नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।



