केजीएमयू बवाल पर डॉक्टर में बढ़ा आक्रोश, कार्य बहिष्कार की तैयारी
डिप्टी सीएम को लिखा पत्र एफआईआर दर्ज करने की उठाई मांग

संस्थान के सभी संगठन हुए एकजुट, भरी हुंकार
लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टरों में भारी नाराजगी व्याप्त हो गयी है। बीते 9 जनवरी को संस्थान के कुलपति कार्यालय पर भारी हंगामा व तोड़फोड़ के चलते संस्थान के विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
जिसमें संस्थान प्रशासन ने बवाल की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए स्थानीय थाने में तहरीर दी है। बता दें कि एफआईआर दर्ज न होने पर डॉक्टर कर्मचारी आज कार्य बहिष्कार करने की तैयारी का निर्णय ले लिया था।
जबकि कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद ने बीते सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात कर संस्थान में हुए बवाल की घटना से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने शिक्षकों छात्रों में भारी नाराजगी की बात बताई। जिसपर कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद आज कार्य बहिष्कार का आगे की कार्रवाई के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं चिकित्सा विश्वविद्यालय के शिक्षक, रेजीडेन्ट, नर्सिंग एवं कर्मचारी संघ की आयोजित संयुक्त बैठक में निर्णय लेते हुए चिकित्सा विश्वद्यिालय के कुलपति कार्यालय में बीते 9जनवरी को घटित
अराजकता एवं तोड़फोड़ के सम्बन्ध में चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा उक्त घटना को अंजाम देने वाले के विरूद्ध 24 घण्टे के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज न होने के चलते आज यानि मंगलवार को संयुक्त रूप से ओपीडी कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था।
चिकित्सा विश्वविद्यालय के शिक्षक, रेजीडेन्ट, नर्सिंग एवं कर्मचारी संघ को सायं संयुक्त रूप से अवगत कराया गया। वहीं कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी संघ को इनके संयुक्त प्रस्तावित कार्यबहिष्कार को अगले 24 घण्टे के लिए स्थगित किये जाने का आग्रह किया।
जिसपर कार्य बहिष्कार स्थगित हुआ। उन्होंने घटना के सन्दर्भ में विश्वविद्यालय की एफआईआर दर्ज हो जाने को आश्वासन दिया।
कुलपति द्वारा दिये गये लिखित आश्वासन के दृष्टिगत चिकित्सा विश्वविद्यालय के शिक्षक, रेजीडेन्ट, नर्सिंग एवं कर्मचारी संघों द्वारा 13 जनवरी को अपने प्रस्तावित संयुक्त ओपीडी कार्य बहिष्कार को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
ऐसे में एफआईआर दर्ज न होने की दशा में संस्थान के सभी संगठन संयुक्त रूप से 14 जनवरी यानि कल बुधवार को संयुक्त रूप कार्य बहिष्कार करने की बात जाहिर की। इस घटना को लेकर संस्थान प्रशासन ने डिप्टी सीएम को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
वही संस्थान के यौन शोषण और मतांतरण के आरोपो की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब स्पेशल टॉस्क फोर्स एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ के जांच शुरू भी कर दी है।
साथ ही प्रशासन की ओर से गठित आंतरिक जांच समिति को भंग कर दिया गया और फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सोमवार को प्रोफेसर कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को जांच रिपोर्ट सौपी और आगे की जांच एसटीएफ से करने की सिफारिश की गयी।



