भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने को सपनों को देनी होगी ऊँचाई – शुभांशु शुक्ला
दो दिवसीय ग्रीष्मकालीन पादप विज्ञान महोत्सव में अंतरिक्ष यात्री ने साझा किये अनुभव

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने शोधर्थियों में नई ऊर्जा का संचार किया। गुरुवार को
राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय ग्रीष्मकालीन पादप विज्ञान महोत्सव का समापन किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि अंतरिक्ष यात्री अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, भारतीय वायु सेना शामिल रहे ।
जिसमें संस्थान के शोधार्थियों द्वारा महोत्सव की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस विज्ञान महोत्सव में डिजिटल फोटोग्राफी, मौखिक व्याख्यान एवं पोस्टर प्रस्तुति जैसी विभिन्न वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिनमें संस्थान के लगभग 200 शोधार्थियों ने सहभागिता की।
इससे पूर्व संस्थान के निदेशक डॉ. अजित कुमार शासनी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शोधार्थी किसी भी अनुसंधान संस्थान की रीढ़ होते हैं। उनके द्वारा किए गए शोध कार्य देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने सभी शोधार्थियों को नवाचार एवं परिवर्तनकारी अनुसंधान कार्यों के लिए प्रेरित किया। वहीं
मुख्य अतिथि शुभांशु शुक्ला ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने अंतरिक्ष से पृथ्वी के अद्भुत सौंदर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने ग्रह के महत्व को समझना चाहिए।
उन्होंने विज्ञान एवं अनुसंधान के उद्देश्य को मानव समाज की समस्याओं के समाधान से जोड़ते हुए माइक्रोग्रेविटी में किए जा रहे अनुसंधानों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान सूक्ष्म शैवालों पर किए गए प्रयोगों एवं अन्य वैज्ञानिक अनुसंधानों का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण सामान्य कार्य भी किस प्रकार भिन्न हो जाते हैं।
युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान को अधिक रोचक बनाना आवश्यक है, जिससे नई पीढ़ी की रुचि इसमें बढ़े।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए हमें अपने सपनों को भी उतनी ही ऊँचाई देनी होगी। उन्होंने अपने अंतरिक्ष संदेश को दोहराते हुए कहा “आसमान की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए, न मेरे लिए, न तुम्हारे लिए और न ही भारत के लिए।
इससे पूर्व प्रातःकाल में वनस्पति उद्यान के सेंट्रल लॉन में शोधार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं एकाग्रता को बढ़ावा देने के लिए एक ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन लखनऊ स्थित कम्प्लीट क्योर हीलिंग एंड मेडिटेशन इंस्टीट्यूट के रजनीश मिश्रा द्वारा किया गया।
जिन्होंने प्रतिभागियों को ध्यान की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया तथा एकाग्रता, सृजनात्मकता एवं वैज्ञानिक कार्यक्षमता को बढ़ाने में माइंडफुलनेस के महत्व पर प्रकाश डाला।
समारोह के अंत में शोधार्थियों द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



