उप्र एक तरह से कृषि में देश का सिरमौर प्रदेश – शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय क़ृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

आगे पढ़े केंद्रीय कृषि मंत्री ने की खेत में धान की रोपाई..
दिल्ली। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में केंद्रीय क़ृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पक्के मकानों का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। गुरुवार को
योजना भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हाई लेवल समीक्षा बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने एक ओर रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए गेहूं, चना, मसूर जैसी फसलों की एमएसपी पर खरीद अवधि 24 जून से 8 जुलाई तक बढ़ाने की मंज़ूरी का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा, तो दूसरी ओर
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के नए चरण के तहत यूपी के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति का अनुमोदन पत्र भी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा।
यूपी देश का कृषि सिरमौर प्रदेश..
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उप्र एक तरह से कृषि में देश का सिरमौर प्रदेश है और देश का लगभग 38 प्रतिशत गेहूं अकेले यह राज्य पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य में यूपी की भूमिका सबसे अहम है, इसलिए यहां की खेती के लिए एक वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करना समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और घटता भूजल स्तर खेती के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में यूपी की कृषि के लिए तैयार किया जा रहा साइंटिफिक रोडमैप फसल पैटर्न, सिंचाई, जल संरक्षण, बीज, तकनीक और मार्केटिंग तक सभी पहलुओं को जोड़कर बनाया जाएगा।
इसका प्रारूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और उनकी टीम के साथ विस्तार से चर्चा के लिए रखा गया जिसे आगे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अंतिम रूप देंगी।
किसानों को राहत– रबी 2026–27 की एमएसपी खरीद अवधि बढ़ी
बैठक में सबसे पहले शिवराज सिंह चौहान ने रबी विपणन वर्ष 2026–27 में किसानों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। इस पत्र में
उ.प्र. सरकार के अनुरोध और किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए गेहूं, चना, मसूर जैसी रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद अवधि बढ़ाने की औपचारिक मंज़ूरी दी गई है।
पत्र के अनुसार, रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए एमएसपी पर खरीद की अवधि 24 जून 2026 से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक जारी रखने की अनुमति दी गई है, ताकि मौसम, फसल की तुलाई या मंडी में भीड़ जैसी व्यावहारिक दिक्कतों के कारण कोई भी किसान अपनी फसल एमएसपी पर बेचने से वंचित न रहे।
इस स्वीकृति से यूपी के लाखों गेहूं, चना और मसूर उत्पादक किसानों को सीधी राहत मिलेगी और उन्हें औने–पौने दाम पर फसल बेचने की मजबूरी से बचाया जा सकेगा।
इस वर्ष अल नीनो का संकट..
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल नीनो का संकट दिखाई दे रहा है, बारिश अब तक कम हुई है और आगे भी कमी की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में सरकार का लक्ष्य यह है कि खेत खाली न रहें, किसान की आय सुरक्षित रहे और देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित न हो।
इसी उद्देश्य से बैठक में तय किया गया कि कम पानी में तैयार होने वाली, कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए जिले–जिले के हिसाब से कंटिंजेंसी प्लान पर काम किया जाएगा। अलग–अलग जिलों की जल उपलब्धता, मिट्टी और खेती के पैटर्न को देखते हुए वैकल्पिक फसलों की सूची बनाई जाएगी और उन्हें किसानों के बीच प्रमोट किया जाएगा।
इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से किसानों तक समय पर सलाह, बीज और तकनीकी मार्गदर्शन पहुंचाने का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।
ग्रामीण आवास– 6,18,482 मकानों की स्वीकृति का पत्र सौंपा
ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के नए चरण से संबंधित दूसरा महत्वपूर्ण पत्र भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बैठक में ही सौंपा।
इस पत्र में उ.प्र. के लिए कुल 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई है जो आने वाले वर्षों में राज्य के ग्रामीण इलाकों में आवास सुधार की एक बड़ी शुरुआत साबित होगी।
शिवराज सिंह ने कहा कि यह स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2024–25 से 2028–29 की अवधि के लिए शुरू किए गए पीएम आवास–ग्रामीण के नए चरण का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में दो करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इन दो करोड़ मकानों में से 6,18,482 मकान उ.प्र. के लिए स्वीकृत किए गए हैं जिनके जरिए राज्य के लाखों गरीब परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्का घर उपलब्ध कराने का रास्ता खुला है।
अब डिलीवरी पर फोकस..
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उ.प्र. के ग्रामीण क्षेत्रों में घरों का सर्वे पूरा हो चुका है और उन गरीब भाई–बहनों की पहचान कर ली गई है जो कच्चे मकान में रहते हैं और पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब अगला चरण इन पात्र परिवारों को प्राथमिकता के साथ पीएम आवास–ग्रामीण के अंतर्गत पक्का मकान देने का है, जिससे प्रधानमंत्री मोदी के ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ संकल्प को जमीन पर गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार वित्तीय और तकनीकी दोनों मोर्चों पर उ.प्र. को पूरा सहयोग देगी।
उन्होंने कहा कि मकानों की स्वीकृति के बाद अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए, गुणवत्ता सुनिश्चित करे और यह ध्यान रखे कि कोई भी पात्र गरीब परिवार सूची से बाहर न रह जाए। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख और
राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर मौजूद रहे। केंद्र और राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बड़ी संख्या में बैठक में उपस्थित थे और उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और
ज़मीनी स्थिति पर प्रेज़ेंटेशन दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक से यह स्पष्ट संदेश उभरा है कि कृषि और ग्रामीण विकास को केवल अलग–अलग योजनाओं की तरह नहीं, बल्कि एक संयुक्त विज़न के रूप में देखा जा रहा है।
नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक, हर स्तर पर केंद्र और उ.प्र. सरकार के बीच बेहतर तालमेल और टीम वर्क पर जोर दिया गया, ताकि फैसलों का असर सीधे किसान, खेत मज़दूर और ग्रामीण गरीब परिवार तक महसूस हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि देश के किसानों का हर तरह से कल्याण हो और कोई गरीब परिवार बिना पक्के घर के न रहे। रबी 2026–27 की एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने और
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के नए चरण में 6,18,482 मकानों की स्वीकृति, दोनों फैसले इसी सोच से जुड़े हैं। केंद्र और राज्य सरकार एक ही लक्ष्य के साथ काम कर रही हैं- किसान मज़बूत, गांव समृद्ध और उ.प्र. को कृषि और ग्रामीण विकास का नेशनल मॉडल बनाना।
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम के साथ मिलकर जो साइंटिफिक रोडमैप और आवास योजना तैयार की जा रही है, वह आने वाले वर्षों में यूपी के खेतों, गांवों और गरीब परिवारों की ज़िंदगी में बड़ा और स्थायी परिवर्तन लेकर आएगी। इसके अलावा
खेत बचाओ अभियान के तहत अयोध्या पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री, की धान की रोपाई- शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत उत्तर प्रदेश के अयोध्या पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का दौरा कर वहां विकसित किए गए एकीकृत कृषि मॉडल का अवलोकन किया।
केंद्रीय मंत्री ने घुटनों तक पानी से भरे खेत में उतरकर अलग-अलग फसलों का जायजा लिया और कृषि वैज्ञानिकों के साथ खेती की नई तकनीकों और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
साथ ही धान की रोपाई की। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यहाँ एक ही परिसर में मछली पालन, बत्तख पालन, फल, सब्जी, हल्दी, अदरक, जिमीकंद और सहजन जैसी फसलों का सफल समन्वय किया गया है।
इससे किसानों की आय के कई स्रोत तैयार होते हैं और छोटी जोत में भी बेहतर आमदनी संभव होती है। मैं किसान भाइयों-बहनों से आग्रह करता हूँ कि बदलते समय की चुनौतियों के बीच एकीकृत खेती के ऐसे मॉडलों को अपनाएँ।



