डॉक्टरों ने की विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉएड की जटिल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
विवेकानंद अस्पताल में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धि

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। विवेकानंद हॉस्पिटल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
गुरुवार को विवेकानन्द पॉलिक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 24 जून एक अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण लेप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी सफलतापूर्वक की गई।
इस शल्यक्रिया के अंतर्गत ब्रॉड लिगामेंट में स्थित लगभग 15 सेमी आकार के बडे़ फाइब्रॉएड को सफलतापूर्वक निकाला गया।
ब्रॉड लिगामेंट में उत्पन्न होने वाला इस प्रकार का विशाल फाइब्रॉएड अत्यंत दुर्लभ होता है तथा इसकी स्थिति तकनीकी दृष्टि से अत्यधिक चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
इसके बड़े आकार एवं जटिल शारीरिक स्थिति के कारण यह शल्यक्रिया अत्यंत कठिन थी और इसके लिए उच्च स्तरीय शल्य चिकित्सा कौशल एवं विशेषज्ञता की आवश्यकता थी।
यह न्यूनतम चीरा आधारित (मिनिमली इनवेसिव) शल्यक्रिया संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. कनुप्रिया जिंदल तथा उनकी समर्पित सर्जिकल एवं एनेस्थीसिया टीम द्वारा की गई।
मामले की जटिलता के बावजूद फाइब्रॉएड को लेप्रोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से निकाला गया, जिससे मरीज को पेट की पारंपरिक ओपन सर्जरी से बचाया जा सका।
इस आधुनिक तकनीक के कारण मरीज को कम रक्तस्राव, ऑपरेशन के बाद कम दर्द, छोटे चीरे, अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने तथा शीघ्र स्वास्थ्य लाभ जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए। संस्थान सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्द ने बताया कि
यह सफल शल्यक्रिया संस्थान की उन्नत लेप्रोस्कोपिक क्षमताओं तथा रोगी-केंद्रित, अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती ।
इससे न्यूनतम चीरा आधारित तकनीकों के माध्यम से जटिल से जटिल स्त्री रोग संबंधी मामलों का सफलतापूर्वक उपचार करने की विशेषज्ञता को सिद्ध किया है।



