पर्यावरण संरक्षण को यूपीपीसीबी के नवनियुक्त अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू
राज्यमंत्री ने प्रशिक्षण सत्र का किया शुभारम्भ

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गयी। सोमवार को
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वर्ष 2026 बैच के सहायक पर्यावरण अभियंताओं एवं सहायक वैज्ञानिक अधिकारियों के लिए नगरीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान(यूटीआरआई) का प्रशिक्षण सत्र शुरू किया गया।
वहीं 3 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री केपी मलिक राज्य मंत्री ने किया।
इस अवसर पर डॉ. आरपी सिंह, अध्यक्ष, यूपीपीसीबी,संजीव कुमार सिंह, सदस्य सचिव, यूपीपीसीबी तथा अनुज कुमार झा, सचिव एवं निदेशक,यूटीआरआई उपस्थित रहे।
नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए केपी मलिक ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ आबादी के भविष्य के साथ हवा, पानी, मिट्टी और जैव विविधता के संरक्षण की बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विकास के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी निष्ठा के साथ प्रदेश के हित में कार्य करते हुए उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
यूपीपीसीबी के अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने नवनियुक्त अधिकारियों का बोर्ड में स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है और नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं।
ऐसे में राज्य के निरंतर विकास को सतत् एवं पर्यावरणीय रूप से संतुलित तरीके से आगे बढ़ाना बोर्ड की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्क के विस्तार, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, बायो-मेडिकल वेस्ट एवं ई-वेस्ट प्रबंधन, ध्वनि प्रदूषण, नदी एवं वायु गुणवत्ता की निगरानी तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बोर्ड की भूमिका लगातार बढ़ रही है और अब हमारी भूमिका केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है।
बदलती परिस्थितियों में नई तकनीकों को अपनाना, उन्हें सीखना तथा सरकार और उद्योग जगत को इनके प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।
किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन है और मुझे विश्वास है कि नवनियुक्त अधिकारी अपनी क्षमता एवं प्रतिबद्धता से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से भी नवनियुक्त अधिकारियों को बधाई दीं। अनुज कुमार झा, सचिव एवं निदेशक, यूटीआरआई ने कहा कि आप सब अधिकारी के रूप मे ऐसे समय में सेवा में आए हैं जब भारत तेजी से बढ़ती
अर्थव्यवस्था है और विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक सशक्त आधारभूत ढांचे का निर्माण जरूरी है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा पिछले 8-9 वर्षों में प्रदेश ने पर्यावरणीय संतुलन के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कदम बढ़ा लिये है जिसमे अब नवनियुक्त अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में रितु सुहास, अपर निदेशक,यूटीआरआई, राजेंद्र प्रसाद पाल, सदस्य, यूपीपीसीबी तथा यूपीपीसीबी के सभी मुख्य पर्यावरण अधिकारी उपस्थित रहे।
यूपीपीसीबी के मुख्य पर्यावरण अधिकारी प्रवीण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उद्घाटन सत्र की समाप्ति की।



