इकमो कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने को दिया प्रशिक्षण

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय इकमो (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) कार्यशाला के दूसरे दिन कार्यक्रम का
शुभारम्भ एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार दास के “इकमो में नवीनतम प्रगति एवं क्या नया है?” विषय पर व्याख्यान के साथ किया गया ।
उन्होंने इस क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, तकनीकी प्रगति तथा इसके चिकित्सकीय उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
इसके उपरान्त मुम्बई से डॉ. प्रणय ओझा एवं डॉ. वेंकेट गोयल तथा लुधियाना से डॉ. विवेक गुप्ता द्वारा प्रतिभागियों को इकमो से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र प्रदान किए गए।
इन प्रशिक्षण सत्रों में इकमो मशीन एवं कैनुलेशन की तकनीकें, विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में प्रबंधन, परिपथ में वायु प्रवेश होने पर आवश्यक प्रबंधन तथा ऑक्सीजनरेटर एवं पम्प में खराबी आने की स्थिति में उसके प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार दास ने कार्यशाला में सम्मिलित चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों को बताया कि संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग द्वारा संचालित गहन चिकित्सा इकाई में इकमो सेवा का प्रारम्भ वर्ष 2016 में हुआ तथा पहली बार एक मरीज को इकमो पर रखकर उसका सफल एवं कुशल उपचार किया गया।
इस उपलब्धि को कार्यशाला के प्रतिभागियों के साथ साझा करने के उद्देश्य से उक्त मरीज को भी कार्यशाला में आमंत्रित किया गया। मरीज की उपस्थिति इकमो उपचार की सफलता का एक प्रेरणादायी रही।
दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को इकमो के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों पक्षों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों द्वारा वास्तविक परिस्थितियों में इकमो प्रबंधन, संभावित जटिलताओं की पहचान तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लेने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला के मॉडरेटर प्रो. प्रवीण कुमार दास तथा एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर एवं कार्यशाला के समन्वयक
प्रो. वीरेन्द्र कुमार ने कार्यशाला के सफल एवं सुचारु आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी विशेषज्ञों, चिकित्सकों, प्रतिभागियों एवं संस्थान के अधिकारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा उनके बहुमूल्य सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने कहा कि सभी विशेषज्ञों, चिकित्सकों, प्रतिभागियों एवं संस्थान के अधिकारियों के सामूहिक सहयोग, सक्रिय सहभागिता एवं समर्पण के परिणामस्वरूप यह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।
उन्होंने भविष्य में भी ईसीएमओ जैसी उन्नत जीवनरक्षक तकनीकों के क्षेत्र में प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं ज्ञान के आदान-प्रदान के ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।



