यह रेलवे लाइन संत कबीर नगर के विकास का बनेगी आधार- योगी आदित्यनाथ
संत कबीर नगर में 201 विकास परियोजनाओं की सौगात

संत कबीर नगर। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। संत कबीर की धरती पर कई विकास परियोजनाओं की बरसात की गयी। मंगलवार को
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत कबीर नगर में ₹684 करोड़ से अधिक लागत की 201 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, लैपटॉप एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा
डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मगहर में संत कबीर अकादमी का निर्माण किया है। संत कबीर दास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोध के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है।
बदलता हुआ संत कबीर नगर आज बदलते हुए उत्तर प्रदेश की कहानी कह रहा है।
जनपद संत कबीर नगर में बाबा तामेश्वरनाथ धाम के कॉरिडोर के निर्माण के लिए हम कार्य कर रहे हैं। वहां जितने लोग बसे हुए हैं, उन्हें मुआवजा देंगे और बसाने की व्यवस्था भी करेंगे। उन्होंने कहा कि
बैजूनाथ धाम के लिए भी धर्मार्थ कार्य विभाग को कहा है कि जल्द से जल्द प्रस्ताव मंगाएं, वहां भी विकास कार्य होना चाहिए।
बहराइच से बांसी होते हुए खलीलाबाद तक जो रेलवे लाइन बन रही है, यह रेलवे लाइन जनपद संत कबीर नगर के विकास का आधार बनेगी।
जैसे ही यहां का लैंड बैंक तैयार होगा, संत कबीर नगर में भी विकास प्राधिकरण के गठन की कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे। हम वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
विगत 9 वर्षों में जनपद संत कबीर नगर में 95 हजार परिवारों को आवास और 3.5 लाख गरीब परिवारों के घरों में शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 3 लाख से अधिक किसानों को प्रतिवर्ष ₹6 हजार का लाभ मिल रहा है।
संत कबीर नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के अंतर्गत 95 हजार परिवारों को आवास की सुविधा प्राप्त हुई है। साथ ही, साढ़े तीन लाख गरीब परिवारों के घरों में शौचालय का निर्माण हुआ है।
हम संत कबीर नगर में भी एक विकास प्राधिकरण के गठन की कार्यवाही को आगे बढ़ाएंगे। हम वन डिस्ट्रिक्ट , वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि यह आज के समय की आवश्यकता है।
सरकार में कार्य करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। नीयत साफ हो तो नीति बनती है, और नीति बनने से निर्माण होता है। यह निर्माण कार्य साफ नीयत और ईमानदार प्रयासों का ही परिणाम हैं।



