उत्तर प्रदेशबड़ी खबर

मंत्री नगर निगम वार्डो में गंदगी देख भड़के, जताई नाराजगी 

महापौर नगर आयुक्त रहे मौजूद 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी की साफ सफाई व्यवस्था परखी गयी। गुरुवार को

उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सुबह नगर निगम के जोन-3 एवं जोन-4 के चार वार्डों का औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं नागरिक सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी।

प्रभारी मंत्री ने जोन-3 के अयोध्या दास प्रथम, अयोध्या दास द्वितीय एवं फैजुल्लागंज द्वितीय तथा जोन-4 के गोमती नगर वार्ड का भ्रमण किया।

निरीक्षण के दौरान सड़कों पर झाड़ू एवं सामान्य सफाई की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर मिली, लेकिन नालियों की सफाई में गंभीर लापरवाही मिलने पर प्रभारी मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

श्री खन्ना ने विभिन्न स्थानों पर नालियों का स्वयं निरीक्षण किया और उनमें जमा गंदगी एवं सफाई की खराब स्थिति देखकर संबंधित अधिकारियों एवं सफाई व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार लोगों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल सड़कों पर झाड़ू लगाकर सफाई व्यवस्था की औपचारिकता पूरी नहीं की जा सकती। शहर की वास्तविक स्वच्छता के लिए सड़कों के साथ-साथ नालियों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई भी अनिवार्य है।

उन्होंने नालियों की सफाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

जोन-3 में सफाई कार्य कर रही कंपनी ‘लायन एनवायरो’ के कार्यों में लापरवाही मिलने पर प्रभारी मंत्री ने कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सफाई व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। सरकारी धन खर्च होने के बावजूद यदि धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिखाई देते हैं तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जोन-4 के गोमती नगर वार्ड के निरीक्षण के दौरान भी नालियों की सफाई संतोषजनक नहीं मिलने पर श्री खन्ना ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित एसएफआई एवं सुपरवाइजर का पांच-पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

हालांकि क्षेत्र में सड़कों पर झाड़ू एवं साफ-सफाई की स्थिति बेहतर पाए जाने पर उन्होंने वार्ड मेंबरों से कहा कि वे इसी सक्रियता को और बढ़ाएं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को आदर्श बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि “लखनऊ स्मार्ट सिटी है तो इसकी स्वच्छता, सड़कें, गलियां और नागरिक सुविधाएं भी स्मार्ट दिखाई देनी चाहिए। प्रदेश की राजधानी होने के कारण लखनऊ प्रदेश के अन्य शहरों के लिए रोल मॉडल है।

यहां की व्यवस्थाओं का प्रभाव पूरे प्रदेश में जाता है, इसलिए स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के स्तर पर किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जा सकती।

निरीक्षण के दौरान गलियों में अव्यवस्थित ढंग से लटक रहे बिजली के तारों पर भी श्री खन्ना ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का व्यवस्थित एवं सुरक्षित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजधानी की गलियों में साफ-सफाई के साथ बिजली के तार, नालियां तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं भी सुव्यवस्थित होनी चाहिए, जिससे नागरिकों को बेहतर वातावरण मिलने के साथ शहर की छवि भी स्मार्ट सिटी के स्वरूप के अनुरूप दिखाई दे।

श्री खन्ना ने कहा कि उनका प्रयास है कि प्रत्येक माह कुछ वार्डों का स्वयं निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति देखी जाए और आम नागरिकों को भी अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाए।

स्वच्छ लखनऊ केवल नगर निगम अथवा सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को तत्काल दूर कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि अगली बार उन्हीं स्थानों पर ऐसी कमियां दोबारा न मिलें।

प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था में जवाबदेही और परिणाम दोनों दिखाई देने चाहिए। अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन लापरवाही करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होगी।

निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा स्वच्छता प्रोत्साहन समिति के सुनील कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button