SGPGIMS: में रेडियोलॉजी कोर्स की मास्टरक्लास
16 संस्थानों के विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञों द्वारा रेडियोलॉजी कोर्स की मास्टरक्लास में डॉक्टरों को पारंगत बनाया। रविवार को संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट में चल रही तीन दिवसीय रेडियोलॉजी कोर्स का सफलतापूर्वक समापन किया गया।
जिसका उदेश्य पूरे देश में स्ट्रक्चर्ड, हैंड्स-ऑन सबस्पेशलिटी रेडियोलॉजी ट्रेनिंग देना है। पहला मॉड्यूल, कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग मास्टरक्लास, उत्तर प्रदेश का पहला कॉम्प्रिहेंसिव हैंड्स-ऑन कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग टीचिंग प्रोग्राम है, जो रेडियोलॉजी एजुकेशन में एक नया बेंचमार्क सेट करता है। वहीं
मास्टरक्लास का कॉन्सेप्ट और संचालन रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट की हेड एवं संस्थान में रेडियोलॉजी कोर्स की फाउंडर प्रो अर्चना गुप्ता के विजनरी लीडरशिप में किया गया।
जिसमें स्ट्रक्चर्ड, क्लिनिकली रेलिवेंट और स्किल-ओरिएंटेड ट्रेनिंग के ज़रिए रेडियोलॉजी एजुकेशन को आगे बढ़ाने के उनके कमिटमेंट ने इस यूनिक एकेडमिक प्लेटफॉर्म को बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
इस कोर्स को रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुराधा सिंह ने कोऑर्डिनेट किया। उन्होंने कोर्स सेक्रेटरी के तौर पर काम करके,बिना किसी रुकावट के साइंटिफिक प्लानिंग और एग्जीक्यूशन मजबूत किया ।
16 राष्ट्रीय स्तर विषय विशेषज्ञ की रही सहभागिता..
भारत के प्रमुख इंस्टीट्यूशन्स के 16 नेशनल लेवल के जाने-माने एक्सपर्ट्स शामिल रहे। जिसमें एम्स नई दिल्ली, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई, जुपिटर हॉस्पिटल मुंबई, यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी अहमदाबाद, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी,
डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मैक्स हॉस्पिटल लखनऊ, टेलीरेडियोलॉजी सॉल्यूशंस हैं। इस प्रोग्राम ने पार्टिसिपेंट्स को कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग में देश के लीडिंग अथॉरिटीज़ से सीधे सीखने का एक बेमिसाल मौका दिया।
ट्रेडिशनल कॉन्फ्रेंस के उलट, तीन दिन की मास्टरक्लास को बहुत ही इंटरैक्टिव, केस-बेस्ड और हैंड्स-ऑन टीचिंग प्रोग्राम के तौर पर बहुत ध्यान से डिज़ाइन किया गया था।
पार्टिसिपेंट्स ने स्ट्रक्चर्ड रिपोर्टिंग सेशन, मल्टीडिसिप्लिनरी डिस्कशन, वर्कस्टेशन-बेस्ड इमेज इंटरप्रिटेशन, प्रोटोकॉल ऑप्टिमाइज़ेशन और मुश्किल क्लिनिकल सिनेरियो के प्रैक्टिकल तरीकों में एक्टिव रूप से हिस्सा लिया।
रिपोर्टिंग कॉन्फिडेंस और डिसीजन-मेकिंग स्किल्स को डेवलप करने पर ज़ोर दिया गया। जिसे सीधे रोज़ाना की क्लिनिकल प्रैक्टिस में बदला जा सके।
साइंटिफिक करिकुलम में कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग का एक बड़ा स्पेक्ट्रम शामिल था। जिसमें कार्डियक MRI, कार्डियक CT, थोरैसिक इमेजिंग, इंटरस्टीशियल लंग डिज़ीज़, लंग कैंसर इमेजिंग,
मीडियास्टिनल इमेजिंग, एओर्टिक इमेजिंग, कंजेनिटल और पीडियाट्रिक कार्डियक इमेजिंग के साथ-साथ स्ट्रक्चर्ड रिपोर्टिंग स्ट्रेटेजी और मल्टीडिसिप्लिनरी क्लिनिकल कोरिलेशन शामिल थे।
जानें मास्टरक्लास के बारे में..
👉 उत्तर प्रदेश का पहला कॉम्प्रिहेंसिव हैंड्स-ऑन कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग मास्टरक्लास।
👉 भारत के जाने-माने एकेडमिक और टर्शियरी केयर इंस्टीट्यूशन के 16 जाने-माने नेशनल फैकल्टी मेंबर रियल-लाइफ क्लिनिकल केस का इस्तेमाल करके इंटेंसिव वर्कस्टेशन-बेस्ड लर्निंग।
👉 एक्सपर्ट फैकल्टी गाइडेंस के साथ इंटरैक्टिव रिपोर्टिंग सेशन।
👉 मल्टीडिसिप्लिनरी केस डिस्कशन जिसमें प्रैक्टिकल फैसले लेने पर ज़ोर दिया गया।
👉 कार्डियक MRI, कार्डियक CT, थोरैसिक इमेजिंग, ILD, लंग कैंसर, मीडियास्टिनल और एओर्टिक इमेजिंग, और पीडियाट्रिक कार्डियक इमेजिंग में कॉम्प्रिहेंसिव ट्रेनिंग।
👉 पारंपरिक लेक्चर-बेस्ड टीचिंग के बजाय स्किल डेवलपमेंट पर ज़्यादा ज़ोर।
इस प्रोग्राम को पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट, फेलो और प्रैक्टिसिंग रेडियोलॉजिस्ट से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला। जिन्होंने इसके प्रैक्टिकल ओरिएंटेशन, फैकल्टी इंटरैक्शन और स्ट्रक्चर्ड टीचिंग मेथड की बहुत तारीफ़ की।
हैंड्स-ऑन फॉर्मेट, डायरेक्ट फैकल्टी एंगेजमेंट और रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल डिस्कशन ने कोर्स को सच में एक एनरिचिंग एजुकेशनल एक्सपीरियंस बना दिया।
प्रो अर्चना गुप्ता ने दोहराया कि संस्थान में रेडियोलॉजी कोर्स के पीछे का विज़न ऐसे एकेडमिक प्रोग्राम बनाना है जो थ्योरेटिकल नॉलेज और प्रैक्टिकल क्लिनिकल एक्सपर्टीज़ के बीच के गैप को कम करें।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भविष्य की रेडियोलॉजी एजुकेशन को स्ट्रक्चर्ड थिंकिंग, एविडेंस-बेस्ड रिपोर्टिंग और इंटरैक्टिव लर्निंग पर फोकस करना चाहिए। ताकि युवा रेडियोलॉजिस्ट मॉडर्न हेल्थकेयर की बदलती मांगों को कॉन्फिडेंस के साथ पूरा कर सकें।
इस पायनियरिंग मास्टरक्लास का सफल आयोजन संस्थान की एडवांस्ड रेडियोलॉजी एजुकेशन और एकेडमिक इनोवेशन में एक नेशनल लीडर के तौर पर पोजीशन को और मज़बूत करता है।
साथ ही यह डिपार्टमेंट ऑफ़ रेडियोडायग्नोसिस के हाई-क्वालिटी, हैंड्स-ऑन लर्निंग इनिशिएटिव के ज़रिए रेडियोलॉजिस्ट की अगली पीढ़ी को तैयार करने के लगातार कमिटमेंट को दर्शाता है।


