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किसानों, युवाओं, महिलाओं समाज के जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन – दिनेश प्रताप सिंह 

मेरठ, अलीगढ़ एवं आगरा मंडल के किसानों का विशाल सम्मेलन

 

अलीगढ़। लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश के किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बनेगा।

शुक्रवार को यह बातें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक कैनेडी हॉल में आयोजित मेरठ, अलीगढ़ एवं आगरा मंडल के किसानों के विशाल सम्मेलन एवं औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी को संबोधित मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कही।

प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के

9 वर्ष देश और प्रदेश में सुशासन, विकास, किसान कल्याण एवं जनसेवा के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हुए हैं। इन वर्षों में किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 5 जून से 21 जून तक संचालित जनकल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है।

उद्यान मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि किसानों तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का उद्यान विभाग सीमित क्षेत्रफल में खेती होने के बावजूद कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

प्रदेश की कृषि योग्य भूमि के लगभग 9 से 10 प्रतिशत हिस्से पर उद्यानिकी फसलें उगाई जाती हैं, लेकिन उत्पादन और मूल्य संवर्धन में इसकी भागीदारी कहीं अधिक है। यह किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ फल, फूल, सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित फसलों, संरक्षित खेती तथा पॉलीहाउस तकनीक को अपनाएं।

एक एकड़ में गेहूं या धान की अपेक्षा पॉलीहाउस में शिमला मिर्च, फूल अथवा उच्च मूल्य वाली फसलों से कई गुना अधिक आय अर्जित की जा सकती है। इसी उद्देश्य से सरकार पॉलीहाउस स्थापना सहित विभिन्न योजनाओं में किसानों को व्यापक अनुदान उपलब्ध करा रही है।

मंत्री सिंह ने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश के किसानों के लिए कृषि निर्यात की नई क्रांति लेकर आएगा। अब प्रदेश के फल, सब्जियां और अन्य उद्यानिकी उत्पाद सीधे विश्व बाजारों तक पहुंच सकेंगे।

इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा उत्तर प्रदेश वैश्विक कृषि निर्यात का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसी दृष्टि से हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड का गठन किया है, जो किसानों और युवा उद्यमियों को निर्यात संबंधी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।

उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय तकनीक आधारित खेती का है। युवा पीढ़ी को कृषि को केवल पारंपरिक व्यवसाय न मानकर आधुनिक उद्यम के रूप में अपनाना चाहिए।

प्रदेश सरकार गांव-गांव में ऐसे युवाओं को तैयार कर रही है जो कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाकर किसानों की आय बढ़ाने में भूमिका निभा सकें।

मंत्री सिंह ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदेशभर में हाईटेक नर्सरियों का तेजी से विस्तार किया गया है। जहां पहले सीमित संख्या में पौध तैयार किए जाते थे।

वहीं अब करोड़ों पौधों का उत्पादन कर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक उद्यानिकी अवसंरचना विकसित की जा रही है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध, तकनीकी सहायता और विपणन सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।

उन्होंने किसानों को फूलों की खेती, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, खजूर, ब्लूबेरी तथा अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रदेश में इन फसलों की मांग तेजी से बढ़ रही है। धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों और बड़े आयोजनों में फूलों की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों के लिए नए अवसर उत्पन्न हुए हैं।

मंत्री सिंह ने कहा कि आगरा में स्थापित किया जा रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आलू अनुसंधान एवं विकास केंद्र प्रदेश के आलू किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे गुणवत्तायुक्त बीज, अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी तथा उत्तर प्रदेश के आलू को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, उद्यान विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न मंडलों से आए प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। किसानों ने उद्यानिकी, निर्यात, प्रसंस्करण एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं के संबंध में संवाद किया।

अंत में मंत्री सिंह ने किसानों का आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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