फाइलेरियारोधी दवा खाकर अभियान का शुभारंभ
माल ब्लॉक में शुरू हुआ आईडीए अभियान

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। फाइलेरियारोधी दवा खाकर अभियान की शुरुआत की गयी। मंगलवार को
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के माल ब्लॉक में सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान की शुरुआत ब्लॉक प्रमुख राम देवी ने फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कर की और क्षेत्रवासियों से भी दवा लेने की अपील की।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जो न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है। सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से इस बीमारी का समूल नाश करना है, जिसके लिए सभी पात्र लोगों का दवा सेवन करना आवश्यक है। वहीं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने भी दवा का सेवन करते हुए बताया कि जनपद के कई ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संक्रमण कम हो चुका है, इसलिए वहां अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए कम से कम 90 प्रतिशत आबादी द्वारा दवा सेवन जरूरी है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है, जिसे आम भाषा में “हाथी पांव” कहा जाता है।
संक्रमित व्यक्ति के काटे गए मच्छर द्वारा स्वस्थ व्यक्ति में परजीवी पहुंच जाते हैं, जिनके लक्षण 5 से 15 वर्ष बाद तक सामने आ सकते हैं। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय लगातार तीन वर्षों तक आईडीए अभियान के तहत दवा सेवन करना और मच्छरों से बचाव करना है।
नोडल अधिकारी डॉ. गोपीलाल ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे। एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र लोगों को स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही दवा का सेवन करना होगा।
दवा खाली पेट नहीं लेनी चाहिए। दवा सेवन के बाद हल्का चक्कर, जी मिचलाना या बुखार जैसे लक्षण सामान्य हैं और कुछ समय में स्वतः ठीक हो जाते हैं। साथ ही
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के तहत माल ब्लॉक की लगभग 2.21 लाख लक्षित आबादी को आच्छादित किया जाएगा। इसके लिए 37 सुपरवाइज़र और 177 टीमें गठित की गई हैं।
दवाओं एवं आवश्यक लॉजिस्टिक की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 2 रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं।
इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ आजीविका मिशन, खाद्य एवं रसद विभाग, पंचायती राज, शिक्षा विभाग तथा सहयोगी संस्थाएं—विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ, सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) और पीसीआई—सहयोग कर रही हैं।
कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी बीके गौतम, और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे, सीएचसी के अन्य कर्मचारी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



