विकसित भारत के लिए प्राचीन संस्कृति को साथ लेकर चलने की जरुरत – प्रो मित्तल
यूनानी अस्पताल में रोजा कार्यक्रम हुआ समापन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के तकमिल उत्तिब यूनानी अस्पताल में परास्नातक शोध छात्रों के 20 रोजा ट्रांजिशनल समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बुधवार को समापन समरोह में मुख्य अतिथि बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने शामिल हुए।
प्रो. मित्तल ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें अपनी प्राचीन संस्कृति के मूल्यों के साथ वक़्त के अनुसार आधुनिकता को अपनाते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है। लकीर की फकीर बने रहने से बौद्धिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
समय के अनुसार परिवर्तन ज़रूरी है । प्रो. मित्तल ने कहा यूनानी विधा मिज़ाज पे आधारित है , समय से खाना पीना , सोना जागना अपने कार्य करना , मिज़ाज को सामान्य बनाए रखने में मदद करेगा। साथ ही कार्यक्रम में व्याख्यान देने वाले शिक्षकों, प्रतियोगी छात्रों को प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया।
जिसमें छात्रा डॉ असमा खुर्शीद द्वारा ऑल इंडिया पीजी टेस्ट मै चौथी रैंक लाने पर बधाई भी दी। बताते चले डॉ असमा ने इसी संस्था के विभाग स्त्री एवं प्रसूति में शोध छात्रा के रुप में प्रवेश लिया है ।
इस अवसर पे कॉलेज के प्राचार्य प्रो.अब्दुल कवि ने सभी बधाई दी। इस मौके पर प्रो.जिया बेग, प्रो. मनीराम सिंह प्रो.अब्दुल हकीम, प्रो.मो शहीद, डॉ मो शाकिब, कार्यक्रम के संयोजक डॉ अब्दुल मालिक सहित संस्था के अन्य शिक्षक, छात्र छात्राएं उपस्थित रही।



