पीडियाट्रिक सर्जरी दिवस पर बच्चों को दिया उपहार
डॉक्टरों ने पीडियाट्रिक सर्जरी दिवस पर किया जागरूक

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। पीडियाट्रिक सर्जरी दिवस पर जागरूक किया गया। सोमवार को
केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में पीडियाट्रिक सर्जरी दिवस पर समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम जन्म से 18 वर्ष तक बच्चों में जन्मजात विकृतियों से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाना है।
इन बीमारियों में जैसे- जन्मजात विकृतियाँ- मलद्वार का विकशित न होना, खाने की नली सांस की नली से जुड़ी होना, हर्निया, पेशाब से सम्बन्धित- हाइपोस्पेडिया -बच्चों में होने वाली एक जन्मजात स्थिति है।
जिसमें मूत्रमार्ग ;पेशाब का रास्ता लिंग के सिरे पर न खुलकर नीचे की तरफ, लिंग के तने पर, अंडकोश पर या गुदा के पास खुलता है,पेट के ट्यूमर, पथरी इत्यादि। वहीं न्यू ओपीडी में एक जागरूकता अभियान में बच्चो में होने वाली विभिन्न विकृतियों से सम्बन्धित बीमारियों के प्रति जानकारी देकर जागरूक किया गया।
साथ ही लक्षण तथा बीमारी होने पर अपने बच्चों का इलाज पीडियाट्रिक सर्जन से ही कराने की सलाह दी गयी। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे बच्चों में बीमारी का इलाज समय से पहुँचने पर अत्याधुनिक उपकरणों जैसे लैप्रोस्कोपिक सेट, सिस्टोस्कोप, इन्डोस्कोपिक सेट इत्यादि के माध्यम से आपरेषन किया जाता है।
जिससे मरीज जल्द से जल्द रिकवर हो जाता है। इसी क्रम में पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में बच्चों एवं नर्सिंग स्टूडेन्ट्स के द्वारा पेन्टिंग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का भी आयोजन कर अभिभावकों को बच्चों में होने वाली विभिन्न प्रकार की विकृतियों के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो.जेडी रावत एवं अन्य डाक्टर प्रो. एसएन कुरील, प्रो अर्चिका गुप्ता, प्रो आनन्द पान्डेय, प्रो सुधीर सिंह,प्रो नितिन पंत, डा.पीयूष कुमार, डा. गुरमीत सिंह, डा. राहुल कुमार राय, रेजीडेन्ट एवं विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। जिसमें ओपीडी में लगभग 200 मरीजों को देखा गया।
इसके अलावा पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में सभी बच्चों को खिलौने एवं उपहार दिए गए। वहीं कुलपति ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए चिकित्सकों, रेजीडेन्ट एवं विभाग के समस्त कर्मचारियों को बधाई दी।



