आधुनिक चिकित्सा में दक्ष बनाने को प्रशिक्षण आवश्यक- मुक्तिनाथानंद
विवेकानंद अस्पताल में एक दिवसीय कार्यशाला

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। विवेकानन्द पॉलीक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण सत्र चलाया गया। मंगलवार को संस्थान के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डा मोना मिश्रा द्वारा “बेसिक स्किल्स एवं लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी।
कार्यक्रम संस्थान के प्रथम तल स्थित सेमिनार हॉल में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया ।
वहीं कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके सिंह, डॉ. मोना मिश्रा, डॉ. कनुप्रिया जिंदल एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा किया गया।
कार्यशाला में चिकित्सकों, डीएनबी विद्यार्थियों एवं नर्सिंग स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों को लैप्रोस्कोपिक ट्रेनर पर इंट्राकॉर्पोरियल स्यूचरिंग की मूलभूत एवं उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों ने न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी में सटीकता, समन्वय एवं दक्षता विकसित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं को सीखा।
वर्तमान समय में न्यूनतम इनवेसिव शल्य चिकित्सा चिकित्सा क्षेत्र का अभिन्न अंग बन चुकी है। विशेष रूप से लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग एक अत्यंत महत्वपूर्ण किन्तु तकनीकी रूप से जटिल कौशल है।
जिसके लिए निरंतर अभ्यास, धैर्य एवं प्रशिक्षित मार्गदर्शन आवश्यक होता है। इस प्रकार की हैंड्स-ऑन कार्यशालाएं युवा चिकित्सकों को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक दक्षता में रूपांतरित करने का सशक्त माध्यम प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक एवं कौशल विकास गतिविधियां संस्थान की उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों का सतत प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की।



