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12 से 23 माह आयु वर्ग के पूर्ण टीकाकृत बच्चों का बढ़ा प्रतिशत 

डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत को सराहा 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। बच्चों के टीकाकरण में बढे प्रतिशत को लेकर डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी। शनिवार को

उत्तर प्रदेश ने बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के अनुसार प्रदेश में 12 से 23 माह

आयु वर्ग के पूर्ण टीकाकृत बच्चों (फुल इम्यूनाइजेशन कवरेज) का प्रतिशत 69.9 फीसदी से बढ़कर 81.4 फीसदी हो गया है। 11.5 प्रतिशत अंक की यह वृद्धि उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष तीन सबसे अधिक सुधार करने वाले राज्यों की श्रेणी में ले आई है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश में चलाए गए व्यापक टीकाकरण अभियानों, स्वास्थ्यकर्मियों की निरंतर मेहनत और अभिभावकों में बढ़ी जागरूकता का परिणाम है।

दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। जिससे बड़ी संख्या में बच्चे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़े।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जीवन के शुरुआती वर्षों में लगाए जाने वाले टीके बच्चों को कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाते हैं।

इनमें पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी और निमोनिया जैसी बीमारियां शामिल हैं। समय पर टीकाकरण न केवल बच्चे की सुरक्षा करता है, बल्कि समुदाय में संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी मदद करता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, स्वास्थ्य विभाग की रणनीतियों और जनता के सहयोग से यह कामयाबी मिली है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक सुरक्षित और प्रभावी टीकाकरण की सुविधा पहुंचे।

डिप्टी सीएम ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण निर्धारित समय पर अवश्य कराएं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर सभी आवश्यक टीके नि:शुल्क उपलब्ध हैं।

यदि किसी बच्चे का कोई टीका छूट गया है तो उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर टीकाकरण पूरा कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बाल स्वास्थ्य सूचकांकों में लगातार सुधार के साथ उत्तर प्रदेश स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टीकाकरण कवरेज में यह बढ़ोतरी आने वाले वर्षों में शिशु एवं बाल मृत्यु दर कम करने और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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