स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ते फैटी लिवर पर जताई चिंता
लिवर स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली की आदतें" विषय पर आधारित प्रतियोगिता

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ते फैटी लिवर मामलों पर चिंता जाहिर की।
शनिवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के हेपेटोलॉजी विभाग द्वारा विश्व लिवर दिवस के उपलक्ष में “फैटी लिवर और मोटापा सच्ची कहानियां, सच्चे समाधान” शीर्षक पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसे संस्थान के पुस्तकालय परिसर स्थित डीके छाबड़ा सभागार में किया गया। जिसमें रोगियों, देखभालकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम इस वर्ष के “वर्ल्ड लिवर डे” के विषय “अच्छी आदतें, स्वस्थ लिवर” के अनुरूप आयोजित किया गया था। जिसमें फैटी लिवर रोग और मोटापे की बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता को उजागर किया गया।
हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर अमित गोयल ने फैटी लिवर रोग की बढ़ती व्यापकता और अस्वस्थ जीवनशैली की आदतों और मोटापे के साथ इसके मजबूत संबंध पर चर्चा की। सत्र के दौरान, आहार विशेषज्ञों ने फैटी लिवर के रोगियों के लिए अनुशंसित आहार योजना और स्वस्थ भोजन विकल्पों की जानकारी साझा की ।
जिसमें लिवर के स्वास्थ्य में सुधार के लिए संतुलित पोषण और जीवनशैली में बदलाव के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान रोगियों के वास्तविक अनुभवों को भी शामिल किया गया।
जिससे संतुलित पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधि और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसे जीवनशैली में बदलाव के महत्व को रेखांकित करने में मदद मिली, जो लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
संवादात्मक सत्र ने प्रतिभागियों को प्रश्न पूछने और अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। जिससे कार्यक्रम जानकारीपूर्ण और आकर्षक बन गया। इस पहल का उद्देश्य जनता में जागरूकता बढ़ाना और व्यक्तियों को अपने यकृत स्वास्थ्य की रक्षा के लिए स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए सशक्त बनाना था। इससे पहले
जन जागरूकता अभियान के एक भाग के रूप में, 17 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय में “लिवर स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली की आदतें” विषय पर केंद्रित एक पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को उनकी रचनात्मकता और विषय के प्रति जागरूकता के सम्मान में पुरस्कार दिए गए।



