निदेशक ने हैंड्स-ऑन पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी कार्यशाला का किया शुभारम्भ
SSI मंत्रा के सहयोग से दो दिवसीय चलेगी कार्यशाला

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। हैंड्स-ऑन पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी कार्यशाला की शुरुआत की गयी। बुधवार को
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशलिटी विभाग द्वारा SSI मंत्रा के सहयोग से पीएमएसएसवाई ब्लॉक में दो दिवसीय “हैंड्स-ऑन पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी कार्यशाला” का शुभारंभ किया गया।
जिसे संस्थान निदेशक प्रो आर के धीमन ने फीता काटकर कार्यशाला का शुभारम्भ किया। इस विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत अत्याधुनिक SSI मंत्रा रोबोटिक सर्जरी मोबाइल ट्रेनिंग यूनिट को पीएमएसएसवाई भवन के सामने स्थापित किया गया है।
जिससे चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को रोबोटिक सर्जरी का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं लाइव सिमुलेशन अनुभव प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर संस्थान निदेशक प्रो धीमन ने स्वयं रोबोटिक कंसोल पर सिमुलेशन अभ्यास किया तथा रोबोटिक सर्जरी की तकनीकी बारीकियों, भारत में रोबोटिक सर्जरी की वर्तमान स्थिति एवं विशेष रूप से पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशलिटी में इसके बढ़ते उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक तकनीक आधुनिक शल्य चिकित्सा को नई दिशा प्रदान कर रही है और भविष्य में इसका महत्व और अधिक बढ़ेगा।
यह कार्यशाला पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशलिटी विभागाध्यक्ष प्रो. बसंत कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम के संचालन में विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रोहित कपूर,
डॉ. निशांत अग्रवाल, डॉ. तरुण कुमार, विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों एवं ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रो. बसंत कुमार ने निदेशक प्रो. आरके धीमन का विभाग को निरंतर प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पिछले चार वर्षों में 200 से अधिक जटिल रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। जिससे संस्थान पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में शामिल हो गया है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य, सीनियर रेजिडेंट्स, सर्जन्स एवं मेडिकल प्रोफेशनल्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को SSI मंत्रा रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की विशेषताओं एवं क्षमताओं का अनुभव
इंटरैक्टिव डेमोंस्ट्रेशन, शैक्षणिक सत्रों एवं सिमुलेशन अभ्यासों के माध्यम से कराया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देना, शल्य चिकित्सा की सटीकता को बेहतर बनाना तथा रोगियों के उपचार परिणामों में सुधार लाना है।
पीएमएसएसवाई भवन पर स्थापित यह मोबाइल रोबोटिक ट्रेनिंग बस न केवल चिकित्सकों एवं रेजिडेंट्स को प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। बल्कि आम जनता में भी रोबोटिक सर्जरी के प्रति जागरूकता फैलाने का माध्यम बन रही है। कार्यक्रम ने ज्ञान-विनिमय, कौशल विकास एवं भविष्य में रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाओं को भी प्रोत्साहित किया।
विभाग की ओर से SSI Innovations एवं उनके सहयोगी दल का विशेष आभार व्यक्त किया गया। विभाग ने डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, डॉ. विश्वा श्रीवास्तव, मनीष, रोहित, आयुष, अनुराग, शिवम एवं पूरी SSI क्रू टीम को इस कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।



