बाबा साहब भारत ही नहीं पूरी दुनिया में विश्व रत्न – ब्रजेश पाठक
लोक भवन में डॉ भीमराव अंबेडकर का मना जन्मोत्सव,अतिथियों ने रखे अपने विचार


लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर ऐसे महापुरुष थे। जिन्हे भारत ही नहीं पूरी दुनिया में विश्व रत्न के रूप में जाना जाता है।
गुरुवार को यह बातें भारत रत्न” बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव आयोजन समिति उत्तर प्रदेश सचिवालय के तत्वावधान में लोक भवन सचिवालय ऑडिटोरियम में आयोजित जयंती समारोह के दौरान मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कही।
डिप्टी सीएम ने कहा कि आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग बाबासाहेब डॉक्टर अम्बेडकर जी की विद्वता का लोहा मानते हैं। बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर ने भारत को संविधान दिया है। वह अतुलनीय है। इस तरह का संविधान दुनिया के किसी देश में नहीं है।
डॉक्टर अम्बेडकर दलित समाज में पैदा हुए विषम परिस्थितियों में उन्होंने गंभीर समस्याओं का सामना करते हुए जो स्थान हासिल किया। वह भारत में इस तरह का प्रतिभावान बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर को छोड़कर ऐसा स्थान अन्य को प्राप्त नहीं हुआ है।
बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर दलित समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश के शोषित वंचित खासकर नारी समाज के बारे में उन्होंने सम्मान और बराबरी का स्थान देने का प्रयास किया। वह आज देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर ने देश की आधी आबादी, नारी समाज को प्रतिनिधित्व अधिकार देने का प्रयास किया था।
वह आज इस ऑडिटोरियम में देखने को मिल रहा है। हमारी बहनों ने कलम की ताकत से लेकर आसमान की उड़ान तक मुकाम हासिल की है।
आज मैं लोक भवन ऑडिटोरियम में बाबा साहब जयंती के अवसर पर यहां उपस्थित सभी अधिकारी और कर्मचारी, जो सरकार के मंसूबों को पूरा करने का काम करते हैं, उन्हें मैं अपने सहयोगी के रूप में मानता हूं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार, मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं दलित समाज से संबंध रखता हूं।
बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर के संघर्ष और बलिदान को भलीभांति समझ सकता हूं। आज बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर जी की प्रेरणा से ही मैं दो बार से विधायक और मंत्री के रूप में आप लोगों के सामने उपस्थित हूं और समाज में शोषित, वंचित समाज के लोग, जो आज यहां उपस्थित है, उसमें बाबा साहब का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर ने खास कर के हमारी माताओं, बहनों के अधिकार और सम्मान के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी, वह आज अतुलनीय है।
बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर जी की जयंती भारत ही नहीं पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाई जा रही है और मैं आप लोगों का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं कि आप लोगों ने लोक भवन सचिवालय में जयंती आयोजित की है जहां मुझे यह अवसर प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर बाबा साहब द्वारा महिलाओं के लिए मैटरनिटी लीव, महिलाओं की शिक्षा, लैंगिक समानता, मताधिकार तलाक, सम्पत्ति और बच्चे गोल लेने का अधिकार, महिला विरोधी कुरितियों को समाप्त करे तथा संसद में हिंदू कोड बिल प्रस्तुत करने आदि महान कार्यों के विषय में एक वृत्तचित्र का प्रसारण भी किया गया।
समारोह में डॉक्टर सुषमा सिंह, पैट्रन, इंडियन रेड क्रॉस ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर ने हम नारी समाज को शिक्षा का अधिकार देकर सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हम सबको बाबा साहब को कभी नहीं भूलना चाहिए।
वहीं समारोह की अध्यक्षता कर रहे सचिवालय संघ के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अर्जुन देव भारती ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब ने शंकर भगवान के नीलकंठ के रूप में अपने को प्रदर्शित किया। जैसे शंकर भगवान कंठ में जहर रखकर न कभी निगले और न कभी उगले। अपने गले में जहरीले नाग को रखकर भी कभी उसका प्रयोग ना कर उसको समाहित किए रहे।
बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर भी असीम यातनाएं पीड़ा सहते हुए भी कभी उस पीड़ा को उगला और न निगला बल्कि उसको समाहित किए हुए देश को ऐसी व्यवस्था और संविधान दे गए।
जिसका भारत देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया लोहा मानती है। कार्यक्रम में मुख्य रूप मंजू लता सिंह, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश सचिवालय समिति के अध्यक्ष बीपी नागेश, धर्मेंद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष सचिवालय संघ पूरन लाल, विपुल पांडे, मनोज कुमार ब्रह्मचारी, संतोष कुमार साव, तनुजा श्रीवास्तव रामचंद्र पटेल आदि ने अपने विचार रखे।



