40 कंप्यूटर से लैस हुआ आरएसएम हॉस्पिटल,डिजिटलाइज्ड की तरफ बढ़ाया कदम
चिकित्सालय में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों के लिए काउंटर अरक्षित

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के चिकित्सालय में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया।
शुक्रवार को आधुनिक तकनिकि की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय, साढ़ामऊ को पूर्णतः डिजिटलाइज्ड कर दिया गया है।
चिकित्सालय में आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करते हुए शासन द्वारा
e- Hospital परियोजना के अंतर्गत कुल 40 कंप्यूटर एवं प्रिंटर्स स्थापित किए गए हैं। जिसमें विभिन्न विभागों में डिजिटल सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था की गई है। वहीं
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ वीके शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम से भी यह अस्पताल जुड़ गया है। अस्पताल को कौशल विकास एवं
उद्यमिता कार्यक्रम के अन्तर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अलीगंज के 21 प्रशिक्षु मिले हैं। इन्हें अप्रेंटिंस के लिए भेजा गया है और
ये प्रशिक्षु चिकित्सालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर का कार्य संपादित कर रहे हैं।
प्रधानमन्त्री के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अतंर्गत पारंपरिक कागजी कार्यप्रणाली को डिजिटल तकनीक से जोड़कर मरीजों को अधिक सरल, सुलभ, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
अस्पताल में दस प्रमुख डिजिटल सुविधाओं में
👉 आभा हेल्थ आईडी – मरीजों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान एवं स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुविधा।
👉 ऑनलाइन OPD पंजीकरण (ORS) – मरीजों का सरल एवं सुविधाजनक ऑनलाइन पंजीकरण।
👉 ई-हॉस्पिटल प्रणाली – अस्पताल की विभिन्न सेवाओं का डिजिटल प्रबंधन।
👉 डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड – मरीजों के चिकित्सा संबंधी अभिलेखों का डिजिटल संधारण।
👉 ऑनलाइन जांच रिपोर्ट – जांच परिणामों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की सुविधा।
👉 डिजिटल भुगतान – स्कैन एंड पे के द्वारा भुगतान प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना। मरीजों के लिए फ्री वाईफ़ाई भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
👉 डिजिटल लैब एवं जांच प्रबंधन– पैथोलॉजी एवं प्रयोगशाला संबंधी कार्यों का डिजिटल संचालन।
👉 ऑनलाइन दवा एवं फार्मेसी प्रबंधन – दवा वितरण एवं फार्मेसी गतिविधियों का डिजिटल प्रबंधन।
👉 डिजिटल उपस्थिति एवं बायोमेट्रिक प्रणाली – कर्मचारियों की उपस्थिति का डिजिटल प्रबंधन।
👉 ऑनलाइन बेड एवं वार्ड प्रबंधन – बेड की उपलब्धता एवं वार्ड संबंधी व्यवस्थाओं का डिजिटल प्रबंधन।
40 कंप्यूटर के साथ प्रत्येक प्रमुख विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था..
डिजिटलाइजेशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चिकित्सालय में “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन” के अतंर्गत 40 कंप्यूटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही सभी OPD, वार्ड, फार्मेसी, रिकॉर्ड रूम एवं पैथोलॉजी विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था की गई है।
इससे प्रत्येक विभाग में मरीजों से संबंधित सूचनाओं, चिकित्सा अभिलेखों, जांच रिपोर्ट, दवा वितरण एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का डिजिटल संधारण सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है।
कंप्यूटर एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता से कार्यों में तेजी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा अस्पताल प्रबंधन की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही
चिकित्सालय के डिजिटलाइजेशन से मरीजों को पंजीकरण, जांच, रिपोर्ट प्राप्त करने एवं उपचार संबंधी विभिन्न प्रक्रियाओं में सुविधा मिलेगी।
डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड से मरीजों के चिकित्सा इतिहास का व्यवस्थित रखरखाव संभव होगा। साथ ही कागजी कार्यवाही में कमी, समय की बचत, पारदर्शिता एवं प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके शर्मा ने दी जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। चिकित्सालय का पूर्ण डिजिटलाइजेशन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरल, सुलभ, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है।
40 कंप्यूटरों की स्थापना, विभिन्न विभागों में डाटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था तथा 10 प्रमुख डिजिटल सुविधाओं का संचालन चिकित्सालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों, प्रशासनिक कर्मचारियों एवं आईटी टीम के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए सभी को बधाई दी।
चिकित्सालय में इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ वीके शर्मा , चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुमित महराज, नोडल डॉ मिथिलेश यादव, डॉ स्नेहलता त्रिपाठी, हॉस्पिटल मैनेजर डॉ अभिषेक सिंह की टीम बनाई गई है।
डिजिटल हेल्थकेयर की दिशा में नया अध्याय चिकित्सालय का यह प्रयास सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक, तकनीक आधारित एवं मरीज-केंद्रित चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
40 कंप्यूटर, विभागवार डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं 10 प्रमुख डिजिटल सुविधाओं के साथ चिकित्सालय ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है।
इसके साथ-साथ रजिस्ट्रेशन काउन्टर 2 से बड़ा कर 5 कर दिया है एवं फार्मेसी काउन्टर 2 से बढ़ाकर 4 कर दिया गया है। जिसमें से एक-एक काउन्टर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकार बंधुओं आदि के लिए अरक्षित कर दिया गया है l



