सील अस्पताल को दोबारा खोलने के लिए रिश्वत की मांग पर डिप्टी सीएम हुए सख्त, दिए जाँच के निर्देश
डिप्टी सीएम ने जताई नाराजगी, एक सप्ताह के भीतर मांगी जाँच रिपोर्ट

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। मरीजों की ज़िन्दगी से खिलवाड़ करने वाले सील निजी अस्पतालों और चिकित्साधिकारियों की मिलीभगत का वायरल वीडियो ने सबको चौंका दिया।
शुक्रवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। जिसमें
सील अस्पतालों को नाम बदलकर दोबारा खुलवाने के एवज में स्वास्थ्य विभाग में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है।
उन्नाव, कानपुर नगर और लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर अस्पतालों को नए नाम से दोबारा संचालित कराने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं।
इस पूरे मामले से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है। कथित वीडियो में रिश्वत मांगने के मामले पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ी नाराजगी जताई है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव को प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सील अस्पतालों को दूसरे नाम से दोबारा खोलने की प्रक्रिया कराने के लिए संबंधित जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने का मीडिया में खबरें व वीडियो आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जांच कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की पड़ताल कराने के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी सामने आए वीडियो और संबंधित क्लिपिंग की जांच करेगी।
साथ ही उन्नाव, कानपुर नगर और लखनऊ में सामने आए आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशालय को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मामले में शासन स्तर से त्वरित कार्रवाई की तैयारी है। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि को धूमिल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।



