फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम परिवर्तन पर मिला ग्रीन सिग्नल
डीपीआरए में दौड़ी खुशी की लहर

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम परिवर्तन पर ग्रीन सिग्नल मिलने से एसोसिएशन में खुशी लहर फैल गयी । गुरुवार को
डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रयासों से प्रदेश के फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की मांग को लेकर महानिदेशक,
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश द्वारा आधिकारिक पत्र विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, चिकित्सा अनुभाग को प्रेषित किया है।
यह जानकारी डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष (लखनऊ) राजीव कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जेके सचान एवं प्रदेश महामंत्री प्रद्युम्न सिंह के नेतृत्व में संगठन लगातार फार्मासिस्टों के अधिकारों, सम्मान और पदनाम परिवर्तन के लिए संघर्षरत रहा है।
इसी क्रम में संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा शासन एवं महानिदेशालय स्तर पर की गई बैठकों और दिए गए ज्ञापनों के उपरांत यह सफलता प्राप्त हुई है। जिसमें
महानिदेशालय स्तर पर गठित समिति द्वारा विभिन्न अभिलेखों एवं अन्य राज्यों (तथा भारत के राजपत्र) का अध्ययन करने के बाद संस्तुति की गई है कि यदि नेत्र
परीक्षण अधिकारी एवं नर्सिंग संवर्ग के पदनाम पूर्व में बदले जा सकते हैं, तो फार्मासिस्ट संवर्ग का पदनाम परिवर्तन करने से विभाग पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। इसके तहत निम्नलिखित पदनामों के परिवर्तन का प्रस्ताव भेजा गया है।
फार्मासिस्ट पदनाम परिवर्तन में..
फार्मासिस्ट- फार्मेसी अधिकारी,चीफ फार्मासिस्ट- मुख्य फार्मेसी अधिकारी ,प्रभारी अधिकारी (फार्मेसी) प्रभारी अधिकारी (फार्मेसी) विशेष कार्याधिकारी (फार्मेसी) विशेष कार्याधिकारी (फार्मेसी) उप निदेशक (फार्मेसी) उप निदेशक (फार्मेसी)
प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष (लखनऊ) राजीव कुमार ने विश्वास व्यक्त किया है कि शासन स्तर से इस न्यायसंगत और तर्कसंगत प्रस्ताव पर जल्द ही मुहर लगेगी। इससे एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों में खुशी का माहौल व्याप्त हो गया है।



