रक्षाबंधन सर्वे भवन्तु सुखिन: का संदेश देने वाला पर्व – प्रकाश
आचार्या बहनों ने आचार्य बन्धुओं की कलाई में बांधी राखी

सुल्तानपुर। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। सरस्वती विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानन्द नगर सुलतानपुर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया।
गुरुवार को वीणा वादिनि मां सरस्वती की आराधना के पश्चात् कार्यक्रम में आगंतुक अतिथियों का वरिष्ठ आचार्य अनिल पाण्डेय ने परिचय कराया।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि सुलतानपुर के विभाग प्रचारक प्रकाश का फल प्रदान करके अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में रक्षाबंधन पर्व की उपादेयता एवं सांस्कृतिक महत्त्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व मात्र भाई और बहन का ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण विश्व को सर्वे भवन्तु सुखिन: का संदेश देने वाला है।
इसका उद्देश्य विराट है,जो सामाजिक समरसता को प्रतिष्ठित करने वाला है।भारत माता की रक्षा करने का संकल्प है रक्षाबंधन पर्व। यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं, नैतिक मूल्यों की धरोहर है।
हमारे पूर्वजों एवं संस्कृति को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करता है। भारत माता एवं सम्पूर्ण मानवता के लिए वरदान है। साथ ही प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने संबोधित करते हुए कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन करना है।
रक्षाबंधन पर्व समाज में सुरक्षा, स्नेह, और नैतिक मूल्यों की स्थापना का एक विस्तृत संदेश देता है। परंपरागत नैतिक मूल्यों एवं मौलिक परंपराओं से हमारे भैया बहनें जुड़ें रहे। इसीलिए हम सभी प्रतिवर्ष रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास से मनाते हैं।
कार्यक्रम को शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य ब्रह्म नारायण शुक्ल एवं शिशु वाटिका की प्रधानाचार्या पूनम सिंह ने भी संबोधित किया। उमंग भरे वातावरण में मंत्रोच्चारण की ध्वनि के मध्य आचार्या बहनों ने आचार्य बन्धुओं की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर आत्म रक्षा का वचन लिया।
संगीत विशेषज्ञ आचार्य ज्ञानेंद्र त्रिपाठी एवं आरती द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर रवीन्द्र तिवारी, रमेश मिश्र, अनिल पाण्डेय, शरद श्रीवास्तव, राकेश सिंह, सरिता त्रिपाठी, रंजना पाण्डेय,
श्रद्धा सिंह, सुधा सिंह, ज्योंति त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय, शशी द्विवेदी, प्रतिभा भारद्वाज,रूपम सिंह, उर्वशी मिश्रा,शालिनी मिश्रा ,
आभा मिश्रा,प्रतिभा मिश्रा , श्रेया त्रिपाठी , ज्योंति उपाध्याय,रागिनी मिश्रा समेत सरस्वती शिशु मन्दिर एवं विद्या मन्दिर के समस्त आचार्य बन्धु भगिनी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



