प्रदेश में पहली बार प्रत्यारोपण समन्वयकों का नोट्टो-अनुमोदित प्रशिक्षण शुरू
अगस्त 2025 से अब तक हुए 8 अंगदान, 22 लोगों ज़िंदगी हुई रोशन

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। अंगदान का बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण की शुरुआत की गयी।
रविवार को प्रदेश में पहली बार प्रत्यारोपण समन्वयकों का नोट्टो-अनुमोदित प्रशिक्षण “लाइफकनेक्ट ट्रांस-कोऑर्ड” एसजीपीजीआई में शुरू किया गया। जिसमें
प्रशिक्षण के बाद 100 से अधिक समन्वयकों को नोट्टो पंजीकरण संख्या सहित प्रमाण-पत्र मिलेगा और वे पेशेवर प्रत्यारोपण समन्वयक के रूप में कार्य करेंगे।
ऐसे ही समन्वयकों को तैयार करने के लिए राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, उत्तर प्रदेश (सॉट्टो – उप्र) एवं चिकित्सालय प्रशासन विभाग संस्थान ने नेफ्रोलॉजी विभाग के सहयोग से तथा राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण
संगठन (नोट्टो), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम “लाइफकनेक्ट ट्रांस-कोऑर्ड” (25–29 अक्टूबर 2026) संस्थान के एचजी खुराना सभागार में शुरू किया।
उत्तर प्रदेश में ऐसा प्रशिक्षण पहली बार हो रहा है। नोट्टो द्वारा अनुमोदित इस संरचित पाठ्यक्रम में पाँच दिनों में 45 से अधिक विषय पढ़ाए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रतिभागियों को नोट्टो की पंजीकरण संख्या सहित प्रमाण-पत्र मिलेगा। जिससे प्रदेश में प्रमाणित और पेशेवर प्रत्यारोपण समन्वयकों का एक मज़बूत समूह तैयार होगा।
प्रदेश में अंग एवं कॉर्निया प्रत्यारोपण के कुल 133 केन्द्र हैं। इनमें से मुख्यत ठोस अंग प्रत्यारोपण केन्द्रों के 100 से अधिक समन्वयक, सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों से, इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।
पहले दिन की शुरुआत सॉट्टो – उप्र द्वारा बनाई गई एक छोटी डॉक्यूमेंट्री से हुई। जिसने प्रतिभागियों को अंगदान से जुड़े परिवारों की भावनाओं से जोड़ा।
डॉ क्रिस अग्रवाल, एसआर प्रभारी, सॉट्टो – उप्र ने सभी का स्वागत किया। प्रो नारायण प्रसाद, विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी ने कहा कि प्रदेश में अंगदान की अपार सम्भावनाएँ हैं और हर आईसीयू में सम्भावित अंगदाता की समय पर पहचान ज़रूरी है।
मोहन फ़ाउंडेशन के विशेषज्ञों जया जयराम, डॉ आर राघवेन्द्रन, डॉ आर चिन्नादुरै एवं ललिता रघुराम ने केस स्टडी, फ़िल्मों और गेम-प्ले गतिविधियों के माध्यम से ब्रेन स्टेम डेथ की पहचान, अंगदाता की देखभाल और दुखी परिवार से संवाद के तरीके सिखाए।
डॉ राजेश हर्षवर्धन ने अंग आवंटन में सॉट्टो की भूमिका बताई, जिसके बाद आईसीयू ऑडिट और चुनौतियों पर पैनल चर्चा हुई।
सॉट्टो – उप्र की प्रमुख उपलब्धियाँ..
8 अंगदान, 22 ज़िंदगियाँ रोशन: अगस्त 2025 से अब तक लखनऊ के एसजीपीजीआईएमएस, केजीएमयू, डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, कमांड हॉस्पिटल एवं अपोलोमेडिक्स में
8 परिवारों ने अपने प्रियजन के अंगदान का साहसिक निर्णय लिया। जिससे 22 अलग-अलग लोगों के जीवन में नई रोशनी आई।
संस्थान में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ: संस्थान में पहला कैडेवरिक मल्टी-ऑर्गन प्रत्यारोपण हुआइसी वर्ष फ़रवरी में हुआ, अप्रैल 2026 में प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण किया गया तथा मई 2026 में संस्थान के इतिहास में पहली बार मृत अंगदाता से कॉर्निया प्राप्त किया गया।
भारतीय अंगदान दिवस 2024 के अवसर पर देश में सर्वाधिक ऑनलाइन अंगदान संकल्प उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुए।
नए केन्द्र, नई उम्मीद: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर में ₹1.5 करोड़ की सहायता से रीनल ट्रांसप्लांट केन्द्र बन रहा है। कानपुर एवं एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा की टीमों को किडनी प्रत्यारोपण शुरू करने के लिए सॉट्टो द्वारा समन्वयक प्रशिक्षण दिया गया।
केजीएमयू को फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए सॉट्टो द्वारा अनुदान दिया गया है। कॉर्निया प्रत्यारोपण बढ़ाने और प्रदेश को कॉर्निया-जनित अंधता से मुक्त करने के लिए 28 फरवरी 2026 को राज्य स्तरीय संगोष्ठी “नेत्रमंथन” हुई।
इसके बाद श्वेत पत्र तैयार हुआ और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया।
प्रत्यारोपण समन्वयकों का अलग संवर्ग (कैडर) बनाने का प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है। व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए एनओटीपी के अंतर्गत हाल ही में सॉट्टो उत्तर प्रदेश में 3 कार्मिकों की नियुक्ति की गई है।
जन-जागरूकता आरएसएम चिकित्सालय बख्शी का तालाब मेट्रो, राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं विभिन्न जनपदों में संकल्प अभियान चलाए गए तथा पूरे लखनऊ के प्रमुख स्थानों पर अंगदान संकल्प के पोस्टर लगाए गए।
संस्थान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया सॉट्टो का मल्टी यूटिलिटी वाहन अंगदान जागरूकता को गाँव-शहर तक पहुँचाने और समन्वय कार्यों में अहम भूमिका निभा रहा है।
सॉट्टो – उप्र सभी नागरिकों से अपील करता है कि अंगदान का संकल्प लें और अपने परिवार को अपनी इच्छा अवश्य बताएँ, क्योंकि अंतिम निर्णय परिवार का ही होता है। संकल्प सॉट्टो उप्र की वेबसाइट https://sottoupdoha.in/pledge.php पर ऑनलाइन लिया जा सकता है।
इस पहल में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो आर के धीमन के मार्गदर्शन में कल औपचारिक उद्घाटन समारोह किया जायेगा।



