राज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ व्यापारियों ने की बैठक
वैट विसंगतियों पर अधिकारियों ने किया समाधान, व्यापारियों ने प्रचार प्रसार करने का उठाया बीड़ा

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राज्य कर विभाग द्वारा वैट सम्बंधित विसंगतियों को दूर किया गया।
शुक्रवार को लाटूश रोड स्थित लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय पर राज्य कर विभाग के अधिकारियों एवं व्यापारियों की बैठक अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गयी।
बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित विभिन्न विसंगतियों को गिनाते हुए अधिकारियों के समक्ष रखा। जिसे अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जवाब देते हुए समाधान निकाला ।
साथ ही सरकार द्वारा संचालित ब्याज माफी योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए व्यापारियों से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।
बैठक में अपर आयुक्त राज्य कर सरबजीत, संयुक्त आयुक्त उदय प्रताप सिंह, अनिल हरित, उपायुक्त राखी सिंह प्रमोद विश्वकर्मा, अनिल कुमार सहित राज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर आयुक्त राज्य कर सरबजीत ने व्यापारियों को जानकारी देते हुए बताया कि ब्याज माफी योजना का लाभ 16 अक्टूबर से 15 जनवरी तक पोर्टल के माध्यम से लिया जा सकता है।
उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे योजना की निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर इसका लाभ प्राप्त करें।
उपायुक्त खंड 4, राखी सिंह ने वैट के बकाये पर मिलने वाली छूट की जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित शर्तों के अंतर्गत ₹10 लाख तक की मूल बकाया धनराशि वाले मामलों में ब्याज एवं अर्थदंड में पूर्ण छूट का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि जिन व्यापारियों ने पहले ही बकाया धनराशि का कुछ हिस्सा जमा कर दिया है, वे भी पात्रता एवं योजना की शर्तों के अनुसार शेष बकाये पर लागू ब्याज एवं अर्थदंड में छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए व्यापारियों को पोर्टल पर आवेदन करना होगा तथा सक्षम स्तर से आवेदन स्वीकृत होने के बाद योजना का लाभ मिलेगा।
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रकार की ब्याज माफी योजनाएं समय रहते लाई जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक व्यापारी इनका लाभ उठा सकें।
पूर्व में जीएसटी के अंतर्गत भी ब्याज माफी योजना लाई गई थी, लेकिन तब तक अधिकांश व्यापारियों द्वारा अपना बकाया रकम जमा की जा चुकी थी। जिसके कारण बड़ी संख्या में व्यापारी योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए।
उन्होंने कहा कि वैट के मामले में भी अधिकांश व्यापारियों ने अपना बकाया जमा कर दिया है, जबकि कई बड़े व्यापारी अपने मामलों को लेकर न्यायालयों में जा चुके हैं।
ऐसी स्थिति में इस योजना से विशेष रूप से उन छोटे व्यापारियों को लाभ मिल सकता है, जिनके मामले अभी भी लंबित हैं और जो बकाया राशि के अतिरिक्त ब्याज एवं अर्थदंड के बोझ से राहत चाहते हैं।
श्री मिश्र ने कहा कि लखनऊ व्यापार मंडल इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। योजना से संबंधित सर्कुलर को सभी बाजारों में प्रसारित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र व्यापारी को इसकी जानकारी मिल सके और वह निर्धारित समय के भीतर आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सके।
उन्होंने अधिकारियों से भी अपील की कि योजना की जानकारी व्यापारियों तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए।
बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र कार्यवाहक अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा, उमेश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चौहान, ट्रांस गोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता,
इंद्रजीत सिंह, महामंत्री सुशील तिवारी,” सोनू पंडित”, कुश मिश्रा, मनीष गुप्ता, मनजीत सिंह दुआ, जगजीत सिंह जग्गा नवीन गुप्ता, विशाल अग्रवाल, विनय गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, राजू शुक्ला, केदार बाजपेई,
अतुल त्रिपाठी, प्रमोद अवस्थी, नीरज अग्रवाल, चंद्रप्रकाश अग्रवाल, प्रदीप मिश्रा, विश्व विजय सिंह, बलराम मौर्य, मनोज चौरसिया, नरेश कुमार, मोहम्मद शोएब जलाली एवं अंकित शर्मा सहित सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।



