कागजो में उलझा इप्सेफ की मांग, पीएम को भेजा पत्र
इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उठाये सवाल

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। इप्सेफ की मांग कागजो में सिमट कर रह गयी है। मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने कहा कि
प्रधानमंत्री देश भर के कर्मचारियों की पीड़ा पर ध्यान दे।खेद का विषय है कि पोर्टल के माध्यम से बताया जाता है कि इप्सेफ के पत्रों का निस्तारण कर दिया गया है फिर भी निर्णय दिखाई नहीं देता है।
इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने मांग की है कि देश भर के करोड़ों कर्मचारियों की जिन मांगों पर तत्काल मिल बैठकर तत्काल सार्थक निर्णय करे। जिससे कि सरकार एवं कर्मचारियों के बीच सामन्जस्य बना रहे।
प्रमुख मांगो में..
>> 8 वे वेतन आयोग की प्रक्रिया शीघ्र समाप्त करके 01 जनवरी 2026 से लागू किया जाये। इप्सेफ ने आपको सुझाव भी दिया है।
>> पुरानी पेंशन को बहाल किया जाये। ओपीएस/एनपीएस स्वीकार नहीं है। इसी कारण बड़े बड़े अधिकारी तब से त्यागपत्र देकर बाहर चले जा रहे है।
>> आउटसोर्स/संविदा/ठेका आदि कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन भत्ता एवं अन्य संविधाएं दी जाये तथा उनकी सेवाएं सुरक्षित की जाये।
>> 08वें वेतन आयोग से अन्तरिम राहत दिलवाई जाय। 08 वेतन आयोग लागू करने में विलम्ब हो रहा है। 50 प्रतिशत से अधिक डीए हो जाने के कारण उसे वेतन में मर्ज किया जाय।
>> रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नतियांे तत्काल पूरी की जाये। पद खाली होने से सरकारी कर्मचारियों पर वर्कलोड़ बढ़ गया है, जिससे उनका स्वास्थ्य खराब हो रहा है। साथ ही प्रेमचन्द्र महासचिव, अतुल मिश्र उपमहासचिव ने बताया कि उप्र सहित अन्य राज्यों की हालात और खराब है।
श्री मिश्र ने प्रधानमंत्री से पुनः पत्र भेजकर आग्रह किया है कि मांग पर तत्काल बैठक के लिए समय निर्धारित करे, वरना कर्मचारियों की नाराजगी मोल लेनी पड़ेगी।


