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महापौर ने अवैध कब्जों पर कार्रवाई के दिए निर्देश

88 गांवों का मांगा रिकॉर्ड 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। महापौर ने अवैध कब्जो के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किये।

गुरुवार को महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ नगर निगम के संपत्ति विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक में नगर निगम की भूमि एवं संपत्तियों के अभिलेखीकरण, संरक्षण, अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई तथा कब्जामुक्त कराई गई भूमि की वर्तमान स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

संपत्ति विभाग के अधिकारी और राजस्व अधिकारी रहे मौजूद..

बैठक में अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, प्रभारी अधिकारी संपत्ति रामेश्वर प्रसाद समेत तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल तथा संपत्ति विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र में ऊसर, बंजर, नवीन परती, चारागाह, तालाब तथा अन्य शेष मदों में दर्ज भूमि का ग्रामवार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग के पास प्रत्येक गांव और प्रत्येक श्रेणी की भूमि का स्पष्ट एवं अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए।

महापौर ने अब तक अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्थल की मौके पर वर्तमान स्थिति की जांच की जाए और स्पष्ट किया जाए कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभी खाली एवं सुरक्षित है अथवा उस पर दोबारा अवैध कब्जा हो गया है।

महापौर ने नगर निगम की संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए अब तक किए गए कार्यों की अलग-अलग जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संपत्तियों पर बाउंड्रीवॉल बनाई गई है।

तारबाड़ कराई गई है अथवा सूचना पट लगाए गए हैं, उनका पूरा विवरण फोटो सहित प्रस्तुत किया जाए। साथ ही शेष असुरक्षित संपत्तियों की पहचान कर उनके संरक्षण की कार्ययोजना बनाई जाए।

बैठक में महापौर ने विभिन्न क्षेत्रों में नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे से संबंधित लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया।

उन्होंने कहा कि पार्षदगणों और क्षेत्रीय नागरिकों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि उनके क्षेत्रों में नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। ऐसी शिकायतों की प्रतियां कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजी जाती हैं, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।

महापौर ने संपत्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग के पास तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, कानूनगो और लेखपाल पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।

इसके बावजूद नगर निगम की संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर बाउंड्रीवॉल, तारबाड़ और सूचना पट के माध्यम से सुरक्षित क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महापौर सुषमा खर्कवाल एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन फील्ड में निकलें और अपने-अपने क्षेत्रों में नगर निगम की जमीनों की नियमित निगरानी करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल कार्यालयी अभिलेखों तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर भूमि की वास्तविक स्थिति देखें, अवैध कब्जे की पहचान करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक बार कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर दोबारा अवैध कब्जा न हो, इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाए।

संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण संपत्तियों की लगातार निगरानी करते हुए उनकी वर्तमान स्थिति का अद्यतन रिकॉर्ड रखा जाए।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में जिला प्रशासन के लेखपालों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं।

लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है, ऐसे सभी लंबित पत्रों और प्रकरणों को संकलित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन सभी पत्रों को नगर आयुक्त गौरव कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी लखनऊ को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाए, ताकि लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

नगर निगम सीमा में सम्मिलित 88 गांवों को लेकर भी महापौर ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन गांवों में स्थित पंचायत घरों और बारात घरों का पूरा डाटा दो दिन के भीतर तैयार किया जाए। संबंधित संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों का भी सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

महापौर ने निर्देश दिए कि नगर निगम की सभी संबंधित संपत्तियों को संपत्ति रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन करने के साथ ही प्रत्येक संपत्ति की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट विवरण विभागीय रिकॉर्ड में उपलब्ध रखा जाए।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की भूमि एवं संपत्तियों का संरक्षण महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अभिलेखों को व्यवस्थित रखें, मौके की वास्तविक स्थिति का नियमित सत्यापन करें और अवैध कब्जों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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