सेवानिवृत्ति स्वास्थ्य कर्मियों का विदाई समारोह
संस्थान निदेशक ने सम्मानित कर की विदाई

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। एसजीपीजीआई में सेवानिवृत्त चिकित्सकों का विदाई समारोह आयोजित किया गया। शनिवार को सेवानिवृत्त उन सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए विदाई की गई।
संस्थान निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर आरके धीमन ने संस्थान में पहली बार वर्ष 2020 में कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं और उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने की इस परंपरा की शुरुआत की थी।
रविवार को सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सक एवं कर्मचारियों में डॉ. प्रेरणा कपूर, वरिष्ठ चिकित्सक, सामान्य अस्पताल, माधुरी स्मिथ, डीएनएस, बीएमटी यूनिट, एंसी जयराज, डीएनएस, एटीसी,ताजवर सिंह नेगी,
मुख्य तकनीकी अधिकारी (प्रयोगशाला), गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, रश्मि सिंह, एएनएस, स्टोन सेंटर लैब, प्रेमा देवी, एएनएस, यूरोलॉजी वार्ड, सुमन कश्यप, एएनएस, मेडिकल जेनेटिक्स
, संदीप कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट ग्रेड 1 पीएमआर, सुचेता सिंह, ओटी सहायक, इम्यूनोलॉजी, एलिजाबेथ चरण, जूनियर मेडिकल लैब टेक्नीशियन, ओपीडी सैंपल कलेक्शन शामिल रहे।
डॉ. प्रेरणा कपूर ने 1994 में संस्थान के चिकित्सक के रूप में कार्यभार संभाला और संस्थान के कर्मचारियों, उनके परिवारों और उत्तर प्रदेश भर के गैर-कर्मचारी रोगियों के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को निरंतर देखभाल और समग्र उपचार प्रदान किया।
डॉ. कपूर उच्च रक्तचाप, तंबाकू रोकथाम, रेबीज की रोकथाम और वृद्धावस्था देखभाल के संबंध में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जन जागरूकता के लिए समर्पित रही हैं।
उन्होंने संस्थान में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के नोडल अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर कार्य किया है। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों और स्वास्थ्य देखभाल आउटरीच कार्यक्रमों में भी सक्रिय योगदान दिया है। वह 2020 से संस्थान न्यूज़लेटर की मुख्य संपादक हैं।
डॉ. प्रेरणा कपूर एपीआई, आईएमए, एपीआई लखनऊ चैप्टर और भारत में रेबीज की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए एसोसिएशन की आजीवन सदस्य हैं। वह लिपिड एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मानद एसोसिएट सदस्य और वुमन फिजिशियंस ऑफ इंडिया फोरम की गवर्निंग बॉडी सदस्य भी हैं।
उनके योगदान को कई सम्मानों से नवाजा गया है। जिनमें अस्मिता सम्मान, इंडियन सोसाइटी ऑफ हाइपरटेंशन की फेलोशिप और धनवंतरी चिकित्सक गौरव सम्मान शामिल हैं।
उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा न्यूज़लेटर के संपादक के रूप में विशेष पुरस्कार और नवंबर 2025 में जेरियाट्रिक सोसाइटी ऑफ इंडिया की उत्तर प्रदेश शाखा शुरू करने के लिए प्रशंसा पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। माधुरी स्मिथ संस्थान की पहली नर्सिंग कर्मी हैं।
जिन्होंने 1995 में सीएमसी वेल्लोर में 3 महीने का “अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम” पूरा किया।
उन्होंने रॉयल चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में यूनियन इंटरनेशनल सेंटर ऑफ कैंसर, स्विट्जरलैंड से दो महीने की “बीएमटी नर्सिंग फेलोशिप” भी प्राप्त की।
उन्हें 12 मई 2011 को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार और संस्थान में वर्ष 2013 के लिए सर्वश्रेष्ठ “नर्सिंग सिस्टर ग्रेड 1” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
ताजवर सिंह नेगी मुख्य तकनीकी अधिकारी (प्रयोगशाला) के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने 1990 में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में कार्यभार संभाला और पैंतीस वर्षों से अधिक समय तक विभाग में सेवा देने के बाद उसी विभाग से सेवानिवृत्त हुए।
उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान संस्थान को समर्पित और अनुकरणीय सेवा प्रदान की। प्रयोगशाला निदान, गुणवत्ता आश्वासन, रोगी सुरक्षा और पेशेवर नैतिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सीरोलॉजी प्रयोगशाला के कुशल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
निदेशक ने सेवानिवृत्त हो रहे सभी सदस्यों द्वारा अपने लंबे और गौरवशाली करियर के दौरान दी गई अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रशंसा व्यक्त की।
अपने संबोधन में, उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की रोगी देखभाल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता, पेशेवर उत्कृष्टता और संस्थान के विकास और प्रतिष्ठा में उनके योगदान की सराहना की।
सम्मान के प्रतीक के रूप में, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फूलों के गुलदस्ते भेंट किए गए। इस अवसर पर संस्थान के वित्त अधिकारी शशि भूषण सिंह तोमर, संयुक्त निदेशक, सामग्री प्रबंधन प्रकाश सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
समारोह का समापन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वस्थ, सुखी और संतुष्टिपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की बधाई दी।



