तकनिकि आधारित पैरा शूटिंग पाठ्यक्रम सत्र पूरा
पैरा शूटिंग वर्गीकरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा बढ़ाया कदम

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। तकनिकि आधारित पैरा शूटिंग पाठ्यक्रम सत्र पूरा किया गया । सोमवार को
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा 8 मई से 10 मई तक एसजीपीजीआईएमएस के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में पैरा शूटिंग में प्रथम राष्ट्रीय तकनीकी एवं चिकित्सा वर्गीकरण पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
जिसमें गहन अकादमिक चर्चाओं, तकनीकी प्रशिक्षण सत्रों, व्यावहारिक मूल्यांकन मॉड्यूल के बाद तीन दिवसीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसका उद्देश्य भारत की पैरा शूटिंग वर्गीकरण प्रणाली को सुदृढ़ करना था।
यह कार्यक्रम संस्थान निदेशक, पद्मश्री प्रोफेसर आरके धीमन के समर्थन, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रोत्साहन से संभव हो सका। जिन्होंने ऑर्थोपेडिक्स विभाग के भीतर पीडीएएफ “स्पोर्ट्स मेडिसिन” प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही राष्ट्रीय स्तर के एक समर्पित वर्गीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन की अवधारणा आकार ले सकी और सफलतापूर्वक अपनी शुरुआत तक पहुंच सकी।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश भर के पेशेवर और प्रतिनिधि एक साथ आए और भारत में पैरा शूटिंग के लिए एक संरचित, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरेखित वर्गीकरण ढांचा विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
यह कार्यक्रम संस्थान के पूर्व छात्र संघ और गर्व फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। तकनीकी प्रशिक्षण के अलावा, कार्यक्रम का उद्देश्य पैरा खेलों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और पैरा शूटिंग वर्गीकरण के क्षेत्र में कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार करना भी था।
यह पाठ्यक्रम भारतीय पैरालंपिक समिति के पैरा शूटिंग अध्यक्ष जयप्रकाश नौटियाल, उपकरण तकनीकी विशेषज्ञ चरणजीत सिंह घुमन और चिकित्सा वर्गीकरण विशेषज्ञ डॉ. गुरंचल पवार सहित अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया गया था।
एथलीट मूल्यांकन के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया। जिसमें मांसपेशियों की ताकत, गति की सीमा, समन्वय, धड़ नियंत्रण का आकलन और विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट दिशानिर्देशों के अनुसार न्यूनतम विकलांगता मानदंड का निर्धारण शामिल था।
कार्यक्रम में सभी सत्रों के दौरान उत्साहपूर्ण भागीदारी और संवादात्मक चर्चाएँ देखने को मिलीं, जो भारतीय पैरा खेलों में साक्ष्य-आधारित और पारदर्शी वर्गीकरण प्रणालियों में बढ़ती रुचि को दर्शाती हैं।
आयोजकों एडिशनल प्रोफेसर डॉक्टर पुलक शर्मा विभागाध्यक्ष ऑर्थोपेडिक्स ने बताया कि पाठ्यक्रम का सफल समापन देश में प्रशिक्षित तकनीकी और चिकित्सा वर्गीकरणकर्ताओं के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रगति का
प्रतिनिधित्व करता है, जो अंततः राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पैरा एथलीटों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और बेहतर अवसरों को सुनिश्चित करने में योगदान देगा।



