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मजदूर दिवस पर पुरानी पेंशन बहाली का गूंजा मुद्दा 

सहकारिता भवन में प्रांतीय संकल्प सम्मेलन'

 

​लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर पुरानी पेंशन बहाली मुद्दा गरमाया। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति द्वारा सहकारिता भवन में ‘प्रांतीय संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किया गया।

जिसमें प्रदेश भर के हजारों कार्मिकों और शिक्षकों ने एकजुट होकर पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अपनी 18 सूत्रीय मांगों के समर्थन में एक स्वर में आवाज बुलंद की। वहीं

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डीपीआरए के प्रांतीय अध्यक्ष जेके सचान ने फार्मासिस्टों और चीफ फार्मासिस्टों की समस्याओं को मंच से मजबूती से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन की बहाली अनिवार्य है और S-4 के माध्यम से यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर है।

​विशिष्ट उपस्थिति और संगठन की एकजुटता

​सम्मेलन में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थिति रहे ।

कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों में..

​S-4 संगठन एवं परिषद के शीर्ष पदाधिकारी:

​अजय सिंह (अध्यक्ष, S-4)।​ आरके निगम (महामंत्री, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं महासचिव, संयुक्त संघर्ष संचालन समिति – S-4)। राजेश कुमार सिंह (उपाध्यक्ष)। अखंड प्रताप कुमार वर्मा (महामंत्री)। कृतार्थ सिंह (सह संयोजक)। विक्रम सिंह (संयुक्त संयोजक)। विनय कुमार सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)।

​डीपीआरए (DPRA) जेके सचान (प्रदेश अध्यक्ष, डीपीआरए)। सुरेश वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष, डीपीआरए)। राजीव कुमार कनौजिया (जिला अध्यक्ष, डीपीआरए लखनऊ एवं प्रांतीय प्रवक्ता, डीपीआरए उत्तर प्रदेश)। एपी मिश्रा (चीफ फार्मासिस्ट, उपाध्यक्ष, डीपीआरए लखनऊ)।

अजय कश्यप (मंत्री, डीपीआरए, सिविल अस्पताल)।​स्वास्थ्य भवन नेतृत्व में संजय रावत (अध्यक्ष, मिनिस्ट्रियल संघ, स्वास्थ्य भवन,

​फार्मासिस्ट दल में आनंद यादव, रजनीश पांडे और अभिषेक मिश्रा सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों पदाधिकारी और राज्य कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही

​वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार अविलंब पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई। ​संवर्ग की मांगों में चीफ फार्मासिस्टों और फार्मासिस्ट संवर्ग की लंबित मांगों को प्रमुखता से शासन तक पहुँचाने का निर्णय लिया गया। कहा

​ यदि 18 सूत्रीय मांगों पर त्वरित संज्ञान नहीं लिया गया, तो संगठन ने चरणबद्ध तरीके से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी गयी।

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