डीपीआरए की मांगो पर शीर्ष अधिकारियों से मिला ग्रीन सिग्नल
महानिदेशक ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। डीपीआरए की मांगो पर ग्रीन सिग्नल मिलता दिखाई देने लगा है।
उत्तर प्रदेश के डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन की लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं के समाधान की दिशा में एक निर्णायक सफलता मानी जा रही है ।
गुरुवार को राजीव कुमार कनौजिया प्रांतीय प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप शासन ने वार्ता के लिए सहमति मिल गयी है।
महानिदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी पत्र के अनुसार, एसोसिएशन की मांगों पर विचार-विमर्श के लिए आगामी 6 मई को सायं 04:30 बजे, सचिवालय स्थित लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग करेंगे।
कनौजिया ने कहा जेके सचान प्रदेश अध्यक्ष के दूरदर्शी नेतृत्व ने प्रदेश के समस्त फार्मासिस्टों को एक सूत्र में पिरोया है। उनकी अडिग कार्यशैली और नीतिगत सूझबूझ के कारण ही आज शासन स्तर पर संगठन का मान बढ़ा है और हमारी मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने
महामंत्री का सक्रिय भूमिका बताते हुए कहा कि प्रशासनिक पकड़ और निरंतर सक्रियता ने विभागीय बाधाओं दूर करने में निर्णायक कदम बढ़ाया है ।
जिसका परिणाम संगठन में झलकने लगा है। महामंत्री के द्वारा प्रस्तुत सटीक तथ्यों और प्रभावी पैरवी का ही परिणाम है कि आज शासन निर्णायक वार्ता के लिए तैयार हुआ है।
प्रांतीय प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि डीपीआरए का प्रतिनिधिमंडल जेके सचान और महामंत्री के नेतृत्व में पूरी मजबूती और साक्ष्यों के साथ बैठक में अपना पक्ष रखेगा। बैठक में हमें पूर्ण विश्वास है कि शासन के साथ इस सीधे संवाद से संवर्ग की पदोन्नति, वेतन विसंगति और अन्य लंबे समय से लंबित विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय लिए जाएंगे।
राजीव कुमार कनौजिया ने अंत में कहा कि यह सफलता प्रदेश के हजारों फार्मासिस्टों के विश्वास और हमारे नेतृत्व की अटूट मेहनत का परिणाम है। शासन का यह सकारात्मक रुख स्वागत योग्य है।



