लोकतंत्र को समृद्ध करने को ईएलसी अत्यंत आवश्यक – ज्ञानेश कुमार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने साझा की जानकारी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे।
सोमवार को राजधानी पहुंचने पर अपनी कर्मभूमि स्मरण करते हुए कहा यहाँ से पुराना नाता रहा है यही से हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा दीक्षा ली।
इसी क्रम में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार “निर्वाचक साक्षरता क्लब और ईसीनेट ” पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। जिसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवा नागरिकों में निर्वाचक साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरुकता को सुदृढ़ करना है।
वहीं उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए तथा विद्यार्थियों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रियाओं से संबंधित ज्ञान और समझ को आगे बढ़ाने तथा लोकतंत्र को समृद्ध करने के लिए ईएलसी अत्यंत आवश्यक हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में निर्वाचन संविधान, कानून तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अनुदेशों के अनुसार कड़ाई से कराए जाते हैं और सभी चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों अथवा उनके प्रतिनिधियों के समवर्ती परीक्षा (concurrent ऑडिट ) के तहत पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को भारत की निर्वाचन प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, निर्वाचक पंजीकरण, मतदान एवं मतगणना प्रक्रियाओं तथा भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
साथ ही युवा नागरिकों को जोड़ने के महत्व पर बल देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में उनका विश्वास और सजग भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है।
लोकतंत्र को जानें! लोकतंत्र को आगे बढ़ाएं!
(लर्न डेमोक्रेसी . लीड डेमोक्रेसी ) की टैगलाइन के साथ इएलसी 2.0 का उद्देश्य युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को न केवल लोकतंत्र को समझने, बल्कि सार्थक भागीदारी और इसकी प्रगति में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इससे पहले ज्ञानेश कुमार ने अपने पूर्व शैक्षणिक संस्थान (अल्मा मेटर ), कोल्विन तालुकदार्स कॉलेज का दौरा किया और विद्यालय में शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
कल मुख्य निर्वाचन आयुक्त बूथ लेवल अधिकारियों से करेंगे संवाद..
दौरे के दूसरे दिन कल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOS) के साथ संवाद करेंगे।
ईएलसी 2.0 निर्वाचक साक्षरता क्लबों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में पुनः तैयार करेगा।
इस पहल में युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों तथा समुदायों में चुनावी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पूरे वर्ष निरंतर चलने वाली गतिविधियों की परिकल्पना की गई है।
इएलसी 2.0 व्यापक ईसीनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा। ईसीनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म एक बटन के क्लिक पर निर्वाचक नामावली से लेकर मतदान तक चुनाव से संबंधित सभी सेवाएं प्रदान करता है।
ईसीनेट पर एक समर्पित इएलसी पोर्टल का उपयोग करके पूरे देश में ELCs का एक व्यवस्थित नेटवर्क बनाया जाएगा। भारत के विशाल शैक्षिक इकोसिस्टम को देखते हुए यह पहल बहुत महत्वपूर्ण है।
इस इकोसिस्टम में लगभग 15 लाख स्कूल हैं। जिनमें करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 शिक्षण संस्थान हैं।
जिनमें अनुमानित तौर पर 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। इस विशाल संस्थागत नेटवर्क के ज़रिए, इएलसी 2.0 का उद्देश्य तथ्यों और अनुभव पर आधारित चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना, भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता,
सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता के बारे में जागरुकता बढ़ाना और युवा नागरिकों को सजग लोकतांत्रिक भागीदारी का अग्रदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ईएलसी मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना सहित चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के बारे में जानकारी का प्रचार-प्रसार करने के लिए भी मंच का काम करेंगे। साथ ही, ये ईसीनेट ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के बारे में भी जानकारी देंगे।



