उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबर

केजीएमयू: मांगों को लेकर कर्मचारी परिषद में फैला भारी आक्रोश 

कल कर्मचारियों का उग्र विरोध प्रदर्शन होने की आशंका

 

 

कुलसचिव के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लागू कराने के लिए कर्मचारी परिषद लामबंद हो गया है। शुक्रवार को

केजीएमयू कर्मचारी परिषद एकजुट होकर लंबित मांगों को लागू कराने के लिए नाराजगी जाहिर की। जिसका असर संस्थान के लगभग सभी विभागों में रहा।

वहीं कर्मचारी परिषद अध्यक्ष विकास सिंह एवं महामंत्री अनिल कुमार की अगुवाई में मांगों को लेकर विरोध जारी रहा। वहीं परिषद पदाधिकारियों का कहना है कि कुलसचिव के अड़ियल रवैया से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

अगर ऐसा ही रहा तो चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती है। जिससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को मुश्किलों का सामाना करना पड़ सकता है।

संस्थान के जानकारों की माने तो कुलसचिव द्वारा कर्मचारियों की मांगों के लिए टालमटोल करने के चलते कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है।

कर्मचारियों का आरोप है कि कुलसचिव द्वारा शासन की मंशा के विपरीत कार्य करते हुए कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों एवं प्रशासनिक कार्यों को अनावश्यक रूप से बाधित करने का कार्य कर रही है। जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष है।

कर्मचारी पदाधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार संवाद एवं सकारात्मक वार्ता का प्रयास किया गया। फिर भी अब तक किसी प्रकार की सार्थक पहल नहीं की गई।

साथ ही कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जायज मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलनात्मक रुख अपनाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुलसचिव की कार्यशैली के कारण संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है तथा मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि संस्थान में बेहतर कार्य वातावरण एवं मरीजों को सुचारु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।

कर्मचारियों ने प्रशासन एवं शासन से मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। संस्थान प्रशासन को मरीजों का हित ध्यान में रखते हुए त्वरित निर्णय लेना चाहिए।

जिससे दूर दराज से आने वाले मरीजों व तीमारदारों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। सूत्रों की माने तो कल कर्मचारियों का उग्र विरोध प्रदर्शन होने की आशंका है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में..

👉 एसजीपीजीआई के समतुल्यता के आधार पर 23.08.2016 से जो लाभसंबंधित संवर्गों, पदधारकों को नहीं मिल पाया है, उन्हें उक्त तिथि से ही लाभ प्रदान किया जाए।

👉 फिजियोथेरेपिस्ट संवर्ग के कर्मचारियों के लंबित प्रमोशन के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाए।

👉 ओटी असिस्टेंट के प्रमोशन के लिए 06.10.2025 को रिटर्न पेपर के लिए प्रकाशित विज्ञापन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अतः उक्त प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण किया जाए।

👉 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए लिपिक कैडर में प्रमोशन की व्यवस्था होने के बावजूद, पद रिक्त होने पर भी पिछले 12 वर्षों से प्रमोशन नहीं किया गया है। अतः शीघ्र प्रमोशन सुनिश्चित किया जाए।

👉 कार्यालय आदेश 28.02.2026 के अनुपालन में संबंधित सभी संवर्गों / पदधारकों का वेतन निर्धारण तत्काल कराया जाए।

👉 शासन के पत्र 06 मार्च 2026 के अनुसार, कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में

रखते हुए अन्य शेष संवर्गों,पदों का समायोजन भी किया जाना आवश्यक है। अतः इस विषय को कार्य परिषद के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button