डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में सरोगेसी बोर्ड की दूसरी बैठक
डिप्टी सीएम ने सभी को संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए निर्देश

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में सरोगेसी बोर्ड की दूसरी बैठक की गयी । बुधवार को
प्रदेश में सरोगेसी के लंबित प्रकरणों की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी को नामित किया गया है। डीजी परिवार कल्याण को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इससे सरोगेसी के लंबित प्रकरणों के जल्द एवं समयबद्ध निस्तारण को गति मिलेगी। यह जानकारी प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विधानसभा स्थित सभागार में सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी (विनियमन)
अधिनियम 2021 के अंतर्गत गठित राज्य सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी तथा सरोगेसी बोर्ड की द्वितीय बैठक को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। इस पर हम सभी को संयुक्त रूप से कार्य करना है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सरोगेसी के लंबित प्रकरणों की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी के तौर पर महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण को नामित किया गया है।
इनकी देखरेख में सरोगेसी के सभी लंबित प्रकरणों की देखरेख की जाएगी और उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरोगेसी का प्रकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अमित कुमार घोष, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ पिंकी जोवेल, डा सलोना कुशवाहा, सदस्या, विधान सभा, उत्तर प्रदेश, पूनम द्विवेदी, सदस्या, राज्य महिला आयोग, उप्र एवं पूनम कुशवाहा, सदस्या, राज्य महिला आयोग, उप्र,
रवि रंजन, विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,सदस्य सचिव, धीरेन्द्र सचान, विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डा रंजना खरे, महानिदेशक (प्रशिक्षण),
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डा अमित सिंह, राज्य नोडल अधिकारी (एआरटी व सरोगेसी), उप्र के साथ-साथ गृह विभाग, न्याय विभाग, समाज कल्याण विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि शामिल रहे ।
बोर्ड की बैठक में एसजीपीजीआई से डा कौशिक मण्डल व डा दीप्ति सक्सेना, केजीएमयू से डा अंजू अग्रवाल व आरएमएल आर्युविज्ञान संस्थान, से डा मालविका मिश्रा एवं निहारिका शर्मा, अन्वेष्का फाउण्डेशन, नोएडा उपस्थित रही।
बैठक में निर्णय लिया गया कि एआरटी अधिनियम, 2021 व सरोगेसी अधिनियम, 2021 के अन्तर्गत आवेदित परिसरों का जनपदीय समुचित प्राधिकरण द्वारा अविलम्ब निरीक्षण प्रारम्भ करके आवश्यक अभिलेखों सहित
निरीक्षण रिपोर्ट राज्य समुचित प्राधिकरण को उपलब्ध करायी जाये ताकि आवेदनों का निस्तारण प्रारम्भ हो सके।
जिन आवेदकों द्वारा ऑनलाईन आवेदन के सापेक्ष पंजीयन शुल्क जमा नही कराया गया है, उन्हें लिखित रूप में 15 दिन का अन्तिम अवसर प्रदान करते हुए शुल्क जमा न करने की दशा में सम्बन्धित आवेदनों को अस्वीकार कर दिया जाये।



