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कल से 10 अक्टूबर तक श्रीमदभागवत कथा होगा आयोजन – अमरनाथ मिश्र 

पितरों के लिए मंच स्थापित, बुजुर्ग एवं दिव्यांगों के लिए की व्हील चेयर व्यवस्था 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। पितृ पक्ष में श्रीमदभागवत कथा का श्रवणपान करने का महात्म्य बताया गया।

शनिवार को श्रीराधारमण सेवा समिति द्वारा डीएवी कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि 4 से 10 अक्टूबर तक डीएवी कॉलेज, पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग, ऐशबाग में श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

कथा का वाचन वृंदावन धाम के पुंडरीक गोस्वामी महाराज द्वारा किया जाएगा।

आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि परम पूज्य श्री मनमाधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज की कथा का दूसरी बार आयोजन हो रहा है।

4 से 9 अक्टूबर तक कथा प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक होगी, जबकि 10 अक्टूबर को कथा प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। कथा के समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्री

मिश्र ने बताया कि कथा के शुभारंभ दिवस 4 अक्टूबर को मुख्य अतिथि के रूप में ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एवं संरक्षक, राधा रमण सेवा समिति की उपस्थिति शामिल होंगे।

पुंडरीक गोस्वामी महाराज वृंदावन की समृद्ध गौड़ीय वैष्णव परंपरा से जुड़े सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता एवं भागवत कथावाचक हैं। उनका जन्म 20 जुलाई 1988 को वृंदावन में हुआ।

वे प्रसिद्ध संत अतुल कृष्ण गोस्वामी महाराज के पौत्र तथा सुप्रसिद्ध भागवत वक्ता भूति कृष्ण गोस्वामी महाराज के सुपुत्र हैं। पुंडरीक गोस्वामी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक शिक्षा प्राप्त की तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

इसके साथ ही उन्होंने भारतीय शास्त्रों, श्रीमद्भागवत एवं गौड़ीय वैष्णव दर्शन का गहन अध्ययन किया है।

वे श्रीमद्भागवत, श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीराम कथा एवं श्री चैतन्य चरितामृत पर अपने आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं।

उन्होंने बाल्यावस्था से ही कथा एवं आध्यात्मिक प्रवचन प्रारंभ किए तथा युवाओं को भारतीय संस्कृति, भक्ति एवं आध्यात्मिक जीवन से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य किया है।

वे श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी की परंपरा से संबंधित हैं और गौड़ीय वैष्णव परंपरा में 38वें आचार्य के रूप में वर्णित किए जाते हैं। उनकी प्रवचन शैली में भक्ति, संस्कार, आध्यात्मिक चिंतन तथा आधुनिक जीवन के बीच संतुलन पर विशेष जोर रहता है।

आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भव्य एवं सुव्यवस्थित पंडाल तैयार किया गया है। जिसमें श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है।

असहाय, बुजुर्ग एवं जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल पर व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों की पार्किंग कॉलेज परिसर के अंदर ही की गई है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित न हो तथा जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही

आयोजक अमरनाथ मिश्र ने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है। इस मौके पर

आयोजक एवं यजमान अमरनाथ मिश्र, राजेंद्र कुमार अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, मुन्ना भैया (आरआरग्रुप), समीर मित्तल, नवीन गुप्ता, रोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अनुराग मिश्रा, आनंद रस्तोगी एवं शिवम अग्रवाल,मंडल सुनील कुमार मिश्रा, मनोज राय, कुश मिश्रा, साकेत शर्मा एवं दिव्यांशु शुक्ला उपस्थित रहे।

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