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डीपीआरए की मांग पर मुख्यमंत्री कार्यालय से मिला ग्रीन सिग्नल

एसोसिएशन ने फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम एवं वेतनमान को लेकर उठाई थी मांग 

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। डीपीआरए की मांग पर मुख्यमंत्री कार्यालय से ग्रीन सिग्नल मिल गया है।

उत्तर प्रदेश के फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम एवं वेतनमान में संशोधन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय

द्वारा एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया गया है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के आधिकारिक पत्र का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

बुधवार को एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता राजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित कर लिखे गए पत्र में यह मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई थी कि भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार केंद्र सरकार की

भांति उत्तर प्रदेश राज्य के फार्मासिस्टों का भी पदनाम और वेतनमान तत्काल संशोधित किया जाए। साथ ही राजीव कुमार ने आगे बताया कि इस न्यायसंगत मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री के अपर

मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश शासन को लिखित आदेश जारी कर दिया है। आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि इस विषय का गंभीरता से”परीक्षणोपरान्त समुचित कार्रवाई” सुनिश्चित की जाए।

जानें एसोसिएशन की मुख्य मांगें..

👉 भारत सरकार के राजपत्र का अनुपालनः केंद्र सरकार द्वारा 10 अगस्त 2025 को जारी राजपत्र के दिशा-निर्देशों के

अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी फार्मासिस्ट संवर्ग का ढांचा दुरुस्त किया जाए।

👉 पदनाम में गरिमापूर्ण संशोधन फार्मासिस्ट संवर्ग के पदधारकों को उनके कार्य और शैक्षिक योग्यता के अनुसार नया गरिमापूर्ण पदनाम प्रदान किया जाए।

👉 वेतनमान विसंगति का समाधानः केंद्रीय फार्मासिस्टों के समान राज्य के फार्मासिस्टों के वेतनमान को भी संशोधित कर आर्थिक विसंगतियों को दूर किया जाए। वहीं

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस त्वरित निर्देश के आने के बाद प्रदेश भर के फार्मासिस्टों में हर्ष की लहर दौड़ गयी है।

एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता राजीव कुमार, महामंत्री प्रद्युम्न सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष जेके सचान ने मुख्यमंत्री एवं अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद का आभार व्यक्त किया है। संगठन को पूर्ण

विश्वास है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जल्द ही परीक्षण पूरा कर उत्तर प्रदेश के हजारों फार्मासिस्टों के हित में शासनादेश जारी करेगा।

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