मंत्री ने खुरपका-मुहपका टीकाकरण अभियान वाहनों को दिखाई झंडी
08 सितम्बर तक चलेगा टीकाकरण अभियान

फतेहपुर। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। बारिश की शुरुआत होते ही पशुओ में होने वाले रोगों से बचाव के लिए अभियान चलाया गया। बुधवार को
उत्तर प्रदेश की पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्य मंत्री कृष्णा पासवान ने फतेहपुर से खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 22 जुलाई से प्रारंभ हुए एफएमडी टीकाकरण अभियान के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को पूरी गंभीरता, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ संचालित करते हुए शत-प्रतिशत पात्र पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि जनपद में पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत खुरपका-मुहपका टीकाकरण अभियान का आठवां चरण 22 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा है। जो कि 08 सितम्बर ( कुल 45 दिवस) तक संचालित किया जायेगा।
जनपद के 13 विकास खण्डों में 46 टीमो का गठन किया गया है प्रत्येक टीम की निगरानी के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारियों को सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया गया है।
उनके मार्गदर्शन में पशुधन प्रसार अधिकारी, प्रशिक्षित मैत्री और पैरावेट टीकाकरण का कार्य करेंगे। जनपद में कुल 595720 डोज एफएमडी वैक्सीन प्राप्त हुयी है।
जनपद के समस्त ग्रामों में चार माह से अधिक आयु के गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का शतप्रतिशत टीकाकरण किया जायेगा तथा पशुओं की ईयर टैगिंग भी अनिवार्य रूप से की जायेगी।
टीकाकरण के दौरान सम्बन्धित पशुधन प्रसार अधिकारी, मैत्री और पैरावेट द्वारा भारत पशुधन ऐप पर टीकाकरण की रियल टाइम ऑनलाइन फीडिंग की जायेगी। इसमें पशुओं का टैग नंबर और पशुपालक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पशु का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जायेगा।
फीडिंग के समय पशुपालक के मोबाइल नम्बर पर ओटीपी भी भेजा जायेगा जिसके लिए पशुपालको से अनुरोध है कि टीकाकरण के समय प्राप्त ओटीपी को टीकाकरणकर्ता से साझा करें जिससे टीकाकरण का रिकार्ड पोर्टल पर दर्ज किया जा सके।
कोल्ड चेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा सघन निरीक्षण किया जाएगा। जिन पशुओं को पहली बार टीका लगाया जा रहा है, उन्हें एक माह बाद बूस्टर डोज भी दी जाएगी।
विकास खंड अंतर्गत एवं गोशालाओं में भी प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जाएगा। एफएमडी बीमारी पशुओं के मुंह एवं पैरों में छाले, बुखार, कमजोरी, दुग्ध उत्पादन में गिरावट और कभी-कभी मृत्यु का कारण बनती है।
इस रोग के कारण भारत का दुग्ध उत्पादक देश होते हुए भी वैश्विक बाजार में पशुधन उत्पादों के निर्यात में बाधा आती है। अतः इस बीमारी का उन्मूलन राष्ट्रीय हित में आवश्यक है।
अभियान के दौरान टीकाकरण की टीमें गांव/शहरों की हर गली और हर खूंटे तक पहुंचेंगी। विभाग का लक्ष्य शत-प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित करना है, ताकि जनपद के पशुओं को संक्रामक बीमारी से पूरी तरह बचाया जा सके।
उन्होने जनपद के समस्त पशुपालकों से अपील कि पशुपालन विभाग की टीकाकरण टीम ग्राम में आने पर पशुओं को एफएमडी से बचाव के लिए अपने अपने पशुओं को टीका लगवाने एवं पशुओं की टैगिंग करने में सहयोग करें तथा अपने पशुओं को रोग मुक्त रखें।



