स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग का मना प्रथम स्थापना दिवस
डॉक्टरों ने एडवांस्ड एपिथीलियल ओवेरियन कैंसर के उपचार पर की चर्चा

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग का प्रथम स्थापना दिवस मनाया गया। शनिवार को
कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान के स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा “ब्रिगिंग एडवांसेस विथ प्रैक्टिस ” विषय के साथ विभाग का प्रथम स्थापना दिवस एवं सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसका उद्देश्य कैंसर अनुसंधान एवं उपचार में हो रही नवीन प्रगति को दैनिक चिकित्सकीय अभ्यास में प्रभावी रूप से लागू करने के महत्व पर प्रकाश डालना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्थापना दिवस के उद्घाटन के साथ किया गया। जहाँ विभागाध्यक्ष प्रो सबुही कुरैशी ने स्वागत संबोधन एवं विभाग की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
वहीं संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग को प्रथम स्थापना दिवस की बधाई देते हुए विभाग के अकादमिक एवं चिकित्सकीय योगदान की सराहना की।
उन्होंने बेहतर मरीज परिणामों के लिए निरंतर सीखने, बहुविषयक सहयोग तथा कैंसर उपचार में नवीनतम प्रगति को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
साथ ही उन्होंने विभाग को चिकित्सकीय सेवाओं, शिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. उमा सिंह, सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा एवं पूर्व डीन, KGMU रहीं। स्थापना दिवस व्याख्यान डॉ. विजय के.आहूजा, हेड ऑफ एकेडमिक्स, Aster इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ऑन्कोलॉजी बेंगलुरु द्वारा दिया गया।
उन्होंने “Bridging the Gap Between Advances and Everyday Practice in Gynae Oncology” विषय पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से निदान, शल्य चिकित्सा, सिस्टमिक थेरेपी, क्रिटिकल केयर एवं पैलिएटिव केयर सहित कैंसर उपचार के विभिन्न पहलुओं में हो रहे नवीनतम विकास पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच ज्ञानवर्धक चर्चा हुई।
वैज्ञानिक सत्रों की शुरुआत डॉ. असीमा मुखोपाध्याय के मुख्य व्याख्यान से हुई। जिसमें उन्होंने स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी में PARP inhibitors के वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा की।
इसके बाद डॉ. नुज़हत हुसैन एवं डॉ. श्वेता गिरी ने एंडोमेट्रियल कैंसर में डायग्नोस्टिक एवं पैथोलॉजी से संबंधित नवीनतम अपडेट, विशेष रूप से मॉलिक्यूलर क्लासिफिकेशन तथा यूनिवर्सल MMR टेस्टिंग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. प्रिया भाटी ने सर्जिकल वीडियो सत्र के दौरान रेडिकल हाइस्टेरेक्टमी तथा Querleu – मारो क्लासिफिकेशन में हुए नवीनतम बदलावों पर चर्चा की। वहीं डॉ. मोनल गर्ग ने ओवेरियन कैंसर में उपचार संबंधी नवीन प्रगति, विशेष रूप से Pembrolizumab एवं KEYNOTE-B96 अध्ययन पर जानकारी साझा की।
“Contemporary मैनेजमेंट ऑफ़ एडवांस्ड एपिथेलियल ओवरियन कैंसर ” विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। जिसका संचालन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सौम्या गुप्ता ने किया।
इसमें विशेषज्ञों ने एडवांस्ड एपिथीलियल ओवेरियन कैंसर के उपचार में बदलते दृष्टिकोण एवं व्यावहारिक चिकित्सकीय चुनौतियों पर चर्चा की। पैनल में डॉ. चंद्रिमा रे, डॉ. रूबी गुप्ता एवं डॉ. सहाना शामिल रहीं।
CME में कैंसर उपचार के सहायक एवं महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया गया। डॉ. सौरभ मिश्रा ने Oncology में क्रिटिकल केयर विषय पर व्याख्यान देते हुए फेब्रिले Neutropenia, सेप्टिक शॉक एवं इम्यून चेकपॉइंट Inhibitor टॉक्ससिटीज जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय आपात स्थितियों पर चर्चा की।
डॉ. अर्चना गौतम ने Palliative केयर पर सत्र लिया, जिसमें End -of-Life Care (EOLC) तथा ऑन्कोलॉजी में प्रभावी संवाद की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में पोस्टर एवं वीडियो प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट पोस्टर एवं वीडियो प्रस्तुतियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।



