अपर मुख्य सचिव ने डीपीआरए की मांगो पर माँगा प्रस्ताव
डीपीआरए पदाधिकारियों ने शासन का जताया आभार

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। डीपीआरए की मांगो पर प्रस्ताव जारी कर दिया गया।
बुधवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के लंबे संघर्षो के बाद फार्मासिस्ट संवर्ग की मांगों को लेकर शासन स्तर पर निर्णायक सफलता मिली है।
अपर मुख्य सचिव अमित घोष की अध्यक्षता में बीते दिनों 6 मई को उच्च स्तरीय बैठक का आधिकारिक प्रस्ताव जारी कर दिया गया है। वही
इस ऐतिहासिक आदेश के तहत शासन ने एसोसिएशन की न्यायसंगत मांगों को बेहद गंभीरता से लेते हुए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को सभी लंबित मांगों पर तत्काल एक ठोस व विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित करने के लिए सख्त निर्देश दिए है।
महानिदेशक कार्यालय से यह प्रस्ताव शासन को प्राप्त होते ही मांगों को पूर्ण करने की अंतिम प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रांतीय नेतृत्व को पूरी उमीदो के साथ पूर्ण विश्वास जाहिर करते हुए डीजी कार्यालय से सकारात्मक प्रस्ताव जाते ही संवर्ग की सभी लंबित मांगें पूरी होंगी।
इसके लिए संगठन शासन स्तर पर लगातार कोशिशों के साथ पैरवी जारी रखेगा। वही इस सफलता के लिए एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष जेके सचान का कुशल नेतृत्व का परिणाम माना जा रहा है।
साथ ही इस पूरी प्रक्रिया में प्रदुम्न सिंह महामंत्री का असरदार योगदान माना जा रहा है। प्रदुम्न सिंह ने अपनी वरिष्ठता, गहरे प्रशासनिक अनुभव और प्रखर तर्कों के माध्यम से संवर्ग की व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों को अपर मुख्य सचिव को विस्तृत अवगत कराया था ।
यह महत्वपूर्ण आदेश जारी कराने में राजीव कुमार कनौजिया जिला अध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रवक्ता डीपीआरए ने सक्रिय भूमिका निभाई। राजीव कुमार कनौजिया नेकहा कि संवर्ग के एक-एक न्यायसंगत अधिकार, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति से जुड़े तकनीकी बिंदुओं को
शासन के समक्ष पूरी दृढ़ता और स्पष्टता के साथ रेखांकित किया। उनके निरंतर प्रयास, कुशल समन्वय और संगठनात्मक निष्ठा के चलते आज यह ऐतिहासिक शासनादेश धरातल पर आ सका है। जिससे पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट संवर्ग में उनके प्रति भारी उत्साह व्याप्त है।
अपर मुख्य सचिव अमित घोष की अध्यक्षता में हुई इस सफल बैठक और आज जारी हुए क्रांतिकारी आदेश के लिए संपूर्ण प्रांतीय कार्यकारिणी ने शासन के उच्च प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है।



