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मुख्यमंत्री ने आम महोत्सव का किया शुभारम्भ 

प्रगतिशील बागवानों को किया सम्मानित

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में तीन दिवसीय आम महोत्सव की शुरुआत की गयी। शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नौवें तीन दिवसीय आम महोत्सव का उद्घाटन किया।

‘आम महोत्सव 2026’ की स्मारिका का विमोचन किया। साथ ही प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित भी किया।

उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने महोत्सव के सफल आयोजन में मुख्यमंत्री के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

उद्यान मंत्री ने बताया कि इस महोत्सव में 800 से अधिक प्रकार के आम प्रदर्शित किए गए, जो बच्चों और अभिभावकों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं।

यह महोत्सव तीन स्थानों पर आयोजित किया गया: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, मलिहाबाद के बागानों में किसानों के साथ, और जनभवन में राज्यपाल के साथ, जिसका उद्देश्य राज्य के किसानों की समृद्धि और खुशहाली को बढ़ावा देना है।

उद्यान विभाग द्वारा किए गए नवाचारों में आम की गुणवत्ता सुधारने के लिए पेपर बैग तकनीक का उपयोग, निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन, हाई-टेक नर्सरी की स्थापना, और कमल की खेती को बढ़ावा देना शामिल है।

उद्यान मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हाई-टेक नर्सरी के माध्यम से दिए जाने वाले पौधों की संख्या 74 लाख से बढ़कर 29 करोड़ हो गई है।

शहरी क्षेत्रों में छत पर बागवानी (रूफ टॉप गार्डनिंग) को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है, जो शहरों में घटती कृषि भूमि के बीच सकारात्मक ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण में मदद करेगा।

‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ और मंडल स्तर पर औद्योगिक उन्नयन गोष्ठियां आयोजित की गईं। जिससे कम क्षेत्रफल में अधिक मूल्य की फसलों, जैसे औषधीय फसलों, को बढ़ावा मिल सके।

उद्यान विभाग की मेहनत और प्रयासों के कारण, राज्य की 9% भूमि पर औद्यानिक फसलों का उत्पादन 42% तक पहुँच गया है, जबकि कृषि विभाग की 91% भूमि पर 58% की हिस्सेदारी है।

उत्तर प्रदेश के औद्यानिक उत्पाद अमेरिका, ब्रिटेन, अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर, रूस, जर्मनी, मॉरीशस, नीदरलैंड, ओमान, नेपाल, थाईलैंड, बहरीन और स्वीडन जैसे देशों तक पहुँच रहे हैं।

भारत में आम और शहद के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक उपज देता है। शहद की ब्रांडिंग ‘काशी शहद’ के नाम से की गई है, जिसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना है।

मखाना, खजूर, कमल, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी नवाचार किए गए हैं।

उद्यान मंत्री ने उद्यान विभाग के 50 वर्षों के इतिहास में वर्तमान स्थिति पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि विभाग ने किसानों और सरकार दोनों का सम्मान बढ़ाया है।

लखनऊ के अलीगंज में हुई एक दुखद घटना के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द करने का निर्णय लिया गया, जो भारतीय संस्कार संस्कृति का हिस्सा था।

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