डॉक्टरों ने की जटिल पित्ताशय सफल सर्जरी
मरीज के 450 ग्राम वजन पित्ताशय निकाला

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। डॉक्टरों ने जटिल पित्ताशय की सफल सर्जरी कर मरीज को दर्द से राहत दिलाई। मंगलवार को
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, के शल्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आनंद मिश्रा की टीम द्वारा जटिल पित्ताशय की सफल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
रायबरेली के बछरावां निवासी 35 वर्षीय पुरुष का लगभग 26 सेंटीमीटर लंबा एवं 450 ग्राम वजन का पित्ताशय सफलतापूर्वक निकाल लिया गया।
मरीज पिछले लगभग एक माह से लगातार पेट दर्द के साथ मितली एवं उल्टी की समस्या से परेशान था। 9 सितंबर को चिकित्सालय के शल्य विभाग की ओपीडी में दिखाया।
आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जाँच के बाद मरीज में पित्ताशय में मवाद,पथरी एवं सूजन ( क्रोनिक कोलेसिस्टाइटिस एवं एम्पोईमा ऑफ गॉल ब्लैडर क्रोनिक cholelithisis एंड empyema of gall bladder( pus filled gall bladder ) पाई गई।
उसी दिन शल्य विभाग में भर्ती कर लिया गया और आवश्यक तैयारी के बाद सर्जरी कर मरीज का गाल ब्लैडर निकाल दिया गया। सफल सर्जरी से मरीज अब स्वस्थ है।
ऑपरेशन के दौरान शल्य टीम के सामने सामान्य पित्ताशय की अपेक्षा कहीं अधिक जटिल स्थिति सामने आई। पित्ताशय मवाद से पूरी तरह भरा हुआ था और अपने असामान्य रूप से बड़े आकार के कारण लिवर के पीछे तथा बड़ी आंत सहित आसपास की संरचनाओं से अत्यधिक मजबूती से चिपका हुआ था।
इसलिए पित्ताशय के आसपास मौजूद महत्वपूर्ण अंगों तथा कॉमन बाइल डक्ट की सुरक्षित पहचान कर सर्जरी करना एक चुनौती थी । थोड़ी सी भी असावधानी से महत्वपूर्ण पित्त मार्ग अथवा रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचने का गंभीर खतरा हो सकता था।
शल्य टीम ने अत्यंत सावधानी, अनुभव और जेंटल डिसेक्शन तकनीक का उपयोग करते हुए धीरे-धीरे पित्ताशय को आसपास की संरचनाओं से अलग किया। महत्वपूर्ण संरचनाओं की पहचान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पित्ताशय को सफलतापूर्वक निकाला गया और रक्तस्राव को रोकते हुए ऑपरेशन सुरक्षित रूप से पूरा किया गया।
शल्य टीम के अनुसार पित्ताशय लगभग 26 सेंटीमीटर लंबा और 450 ग्राम वजन का निकाला था। उपलब्ध प्रकाशित साहित्य में इससे बड़े पित्ताशय के मामले भी दर्ज हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ सर्जरी केस रिपोर्ट्स में प्रकाशित रिपोर्ट में अब तक लगभग 30 सेंटीमीटर तक के सबसे बड़े पित्ताशय का उल्लेख मिलता है।
ऑपरेशन के बाद मरीज को शल्य विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। आवश्यक पोस्ट-ऑपरेटिव उपचार एवं देखभाल दी जा रही है और मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में मरीज स्वस्थ है।
सर्जरी टीम में डॉ. आनंद मिश्रा के साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ. विनोद कुमार वर्मा एवं डॉ. सचिन कुमार, एनेस्थीसिया टीम से डॉ. डीके गुप्ता तथा ओटी असिस्टेंट डॉ. सुदेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं
चिकित्सालय निदेशक डॉ जीपी गुप्ता ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि समय पर सही निदान, उचित प्री-ऑपरेटिव तैयारी, अनुभवी शल्य टीम, एनेस्थीसिया टीम और ऑपरेशन थिएटर के समन्वित प्रयास से सिविल चिकित्सालय में ऐसे जटिल मामलों में भी मरीज को सुरक्षित उपचार दिया जा रहा है।
डॉ आनंद मिश्रा ने आमजन से अपील की कि लंबे समय तक रहने वाले पेट दर्द, मितली, उल्टी, अपच अथवा पीलिया जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।



