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एफएसडीए ने मिलावटखोरों के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन

शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत 15 सौ किलो पनीर कराया नष्ट

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। त्योहारों पर मिलावट खोरों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया।

शुक्रवार को नवरात्रि पर्व में श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। ‘

शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत 8 और 9 अक्टूबर को प्रदेशभर में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान में घी, मिल्क क्रीम, खाद्य तेल, वनस्पति, कुटू एवं सिंघाड़े के आटे और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।

प्रदेश में हुई कार्रवाई के समेकित आंकड़ों के अनुसार करीब 22,642 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। जिनका अनुमानित मूल्य करीब 1.04 करोड़ रुपये है।

वहीं एटा में 15 सौ किलोग्राम पनीर, जिसकी कीमत 3.97 लाख रुपये थी, मौके पर ही नष्ट कराया गया। गंभीर अनियमितताओं के मामलों में हापुड़ और एटा में दो प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई हैं।

वनस्पति और रिफाइंड तेल से तैयार मिल्क क्रीम..

नवरात्रि से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई में हापुड़ में बड़ी अनियमितता सामने आई। लोदीपुर स्थित देव फ्रेश क्रीम प्रतिष्ठान पर वनस्पति और रिफाइंड तेल मिलाकर मिल्क क्रीम तैयार किए जाने का मामला पकड़ा गया।

टीम ने मौके से 8 कुंतल क्रीम, 20 कुंतल रिफाइंड तेल और 10 कुंतल वनस्पति, कुल 38 कुंतल यानी 3,800 किलोग्राम खाद्य सामग्री सीज की। मामले में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।

एटा में 15 सौ किलो पनीर नष्ट, प्रोपराइटर पर एफआईआर..

एटा में सपना डेयरी पर कार्रवाई के दौरान 125 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 270 किलोग्राम सोयाबीन दाल, 7 किलोग्राम रैनिपाल, 90 किलोग्राम न्यूट्रिलाइट रिफाइंड पामोलिन ऑयल, 10 लीटर आरएम ऑयल और 100 किलोग्राम घी जब्त किया गया। मौके से सोयाबीन दाल की एक ग्राइंडिंग मशीन भी जब्त की गई।

जांच के दौरान 1,500 किलोग्राम पनीर, जिसकी कीमत 3,97,500 रुपये थी, नष्ट कराया गया। टीम ने कुल 10 नमूने लिए, जिनमें स्किम्ड मिल्क पाउडर, रैनिपाल,

सोयाबीन दाल, आरएम ऑयल, रिफाइंड पामोलिन ऑयल, पनीर के दो, घी के दो और मिल्क क्रीम का एक नमूना शामिल है। मामले में प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

लखनऊ में 17.53 लाख रुपये का नकली घी जब्त..

लखनऊ में मैसर्स जैन देसी घी प्रतिष्ठान पर गंदगी और मिथ्या छाप के आधार पर 2,548 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 17.53 लाख रुपये बताई गई है। मौके से तीन नमूने भी संग्रहित किए गए।

वहीं श्यामलाल चुन्नीलाल फर्म पर कार्रवाई के दौरान 11,040 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 68.44 लाख रुपये है। प्रतिष्ठान में स्वच्छता और हाइजीन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर चार नमूने भी लिए गए।

जौनपुर में 11.85 क्विंटल खाद्य तेल सीज..

जौनपुर में घी, पूजा घी और खाद्य तेल से जुड़े प्रतिष्ठान पर मिथ्या छाप के आधार पर 1,185 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 2.10 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान चार नमूने भी संग्रहित किए गए।

कानपुर में खाद्य सामग्री का भंडारण में मिली गंदगी..

कानपुर नगर में पुरशाना फूड प्रोडक्ट्स प्रतिष्ठान पर अस्वच्छ परिस्थितियों और गंदगी के आधार पर कार्रवाई की गई। टीम ने 780 लीटर खाद्य वसा, 150 किलोग्राम वनस्पति और 133 लीटर सोयाबीन तेल जब्त किया।

इनकी दर्ज कीमत क्रमशः 2.57 लाख, 20,610 और 2,211 रुपये है। कुल जब्त सामग्री की कीमत करीब 2.88 लाख रुपये है। मौके से तीन नमूने भी लिए गए। कानपुर में ही शताक्षी ट्रेडर्स प्रतिष्ठान पर रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल की 2,496 बोतलें जब्त की गईं, जिनकी कीमत करीब 3.35 लाख रुपये बताई गई है।

औरैया में नकली 34 टिन घी सीज..

औरैया में एक खाद्य प्रतिष्ठान पर मिथ्या छाप के आधार पर घी के 34 टिन सीज किए गए। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लेबलिंग से जुड़े मानकों की भी जांच की गई।

हाथरस और कासगंज में, कुटू-सिंघाड़े के आटे पर एक्शन..

9 अक्टूबर को हाथरस और कासगंज में घी और पूजा घी के नाम पर छद्म उत्पाद तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।

इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में नवरात्रि में इस्तेमाल होने वाले कुटू एवं सिंघाड़े के आटे और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और नमूना संग्रहण किया जा रहा है। विभागीय कार्रवाई देर रात तक जारी रही।

मिलावटखोरों पर की सख्ती..

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से प्रवर्तन दलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच के नाम पर छोटे दुकानदारों और खुदरा विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए।

विभाग का फोकस मिलावटखोरों, मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थों के निर्माताओं और गंभीर अनियमितताएं करने वाले प्रतिष्ठानों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

सभी प्रवर्तन दलों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और खाद्य कारोबार में मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

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