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लोक अदालत में लाखों वादों का निस्तारण

न्यायमूर्ति ने दीप प्रचलित कर लोक अदालत का किया शुभारंभ 

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में लोक अदालत में लाखों मामलों का निस्तारण किया गया। शुक्रवार को प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान, की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

जिसमें 348730 वादों का सफल निस्तारण किया गया ।

जन सामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रातः 10:30 बजे पुराना उच्च न्यायालय लखनऊ में प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान की उपस्थिति में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीप प्रज्जवलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा में माल्यार्पण करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया।

इसके पश्चात जनपद न्यायाधीश लखनऊ मलखान सिंह द्वारा प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ को स्मृति चिन्ह एवं गुलदस्ता भेंट किया गया।

इसी क्रम में डॉ. मनु कालिया, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं समस्त अपर जिला जज तथा नोडल अधिकारीए राष्ट्रीय लोक अदालत रवीन्द्र कुमार द्विवेदी, विशेष न्यायाधीश, सीबीआई सेन्ट्रल, लखनऊ एवं मीनाक्षी सोनकर, अपर जिला जज,सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ,

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के साथ समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा लखनऊ बार ऐशोसियेशन एवं अवध बार ऐशोसियेशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री, राज बहादुर यादव प्रशासनिक अधिकारी, किरन यादव अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध), बब्लू कुमार संयुक्त पुलिस आयुक्त लाईन ऑर्डर, अभिनव यादव सहायक पुलिस आयुक्त,

बैंकों के पदाधिकारी, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के अधिवक्तागण, पराविधिक स्वयं सेवक, नामिका अधिवक्ता एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन नेहा गंगवार, सिविल जज (सीडि) द्वारा किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर वादकारियों के स्वाथ्य के लिए न्यायालय परिसर में मेगा हेल्थ कैंम्प एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसका शुभारम्भ प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान द्वारा फीता काटकर किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ करते हुये प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान द्वारा अधिक से अधिक वाद सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालत में निस्तारित किये जाने का आवाहन किया गया।

जनपद न्यायालय लखनऊ सहित मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय परिसर, वाणिज्यिक न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, कलेक्ट्रेट एवं समस्त तहसीलों आदि में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद न्यायालय में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट द्वारा 284 मामलें

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 4350 मामलें, विषेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) द्वारा 2084 मामलें एवं अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा सहित कुल 10156 मामलें, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 163 मामलें, वाणिज्यिक न्यायालय के 14 मामलें तथा पारिवारिक न्यायालय के 273 मामलों सहित न्यायालय में

लम्बित कुल 18997 वादों का निस्तारण कर कुल रू 453010573/- की धनराशि वसूल की गयी। प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व के कुल 101091 वादों मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कुल 205029 तथा अन्य 23616 प्रकरणों सहित कुल 329733 मामलों का

निस्तारण कर कुल रू. 58622776/- की धनराशि वसूल हुयी। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 348730 मामलों का निस्तारण कर कुल रूपये 511633349/- की धनराशि वसूल की गयी।

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